सोमवार, 2 फ़रवरी 2026

विदेश से सोना लाने के नियम 2026: कितना गोल्ड है टैक्स-फ्री और क्या है नया बजट नियम?



 क्या आप विदेश यात्रा से लौट रहे हैं और अपने साथ सोना लाने का प्लान बना रहे हैं? 1 फरवरी 2026 के नए बजट के बाद नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। यहाँ वो सब कुछ है जो आपको जानना चाहिए।

1. कितना सोना लाना है टैक्स-फ्री? (Duty-Free Limits)

भारत में सोने के गहने लाने की सीमा आपके जेंडर और विदेश में रहने की अवधि पर निर्भर करती है:

महिला यात्री: 40 ग्राम तक के सोने के गहने (अधिकतम ₹1 लाख की वैल्यू तक)।

पुरुष यात्री: 20 ग्राम तक के सोने के गहने (अधिकतम ₹50,000 की वैल्यू तक)।

नोट: यह छूट केवल गहनों (Jewellery) पर है, सिक्कों या बिस्कुट पर नहीं।

2. बजट 2026 का नया नियम: ₹75,000 की छूट

इस साल के बजट में सरकार ने जनरल बैगेज लिमिट को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया है। इसका मतलब है कि गहनों के अलावा आप जो अन्य सामान लाते हैं, उस पर अब ज्यादा राहत मिलेगी।

3. अगर लिमिट से ज्यादा सोना हो तो क्या करें?

यदि आपके पास 20g/40g से ज्यादा सोना है, तो आपको एयरपोर्ट पर Red Channel का उपयोग करना होगा।

Customs Duty: लिमिट से ऊपर के सोने पर लगभग 10% से 15% तक की ड्यूटी देनी पड़ सकती है (सिक्कों और गहनों के लिए दरें अलग हो सकती हैं)।

अधिकतम सीमा: एक यात्री अधिकतम 1 किलो सोना ही ला सकता है।

4. टैक्स जमा करने की प्रक्रिया (Step-by-Step)

Declaration: एयरपोर्ट पर कस्टम फॉर्म भरें या 'ATITHI' ऐप का इस्तेमाल करें।

Assessment: ओरिजिनल बिल दिखाएं ताकि अधिकारी सही कीमत आंक सकें।

Payment: बैंक काउंटर पर कार्ड या कैश से ड्यूटी जमा करें और रसीद लें।

5. सावधानी: ये गलतियां न करें

कभी भी सोने को Green Channel से छिपाकर न निकालें। पकड़े जाने पर भारी जुर्माना और जेल भी हो सकती है।

सोने के सिक्कों (Coins) पर कोई फ्री लिमिट नहीं है, उन पर पहले ग्राम से ही टैक्स लगता है।

टूरिस्ट बनाम एनआरआई (Tourist vs NRI) नियम"

विदेश से सोना लाने के नियमों में इस बात का बड़ा महत्व है कि आप विदेश में कितने समय से रह रहे हैं। यहाँ 01 साल की समय सीमा के आधार पर मुख्य नियम दिए गए हैं:

1. यदि आप 01 साल से कम समय विदेश में रहे हैं

अगर आप एक छोटी यात्रा (जैसे टूरिस्ट वीजा पर) के बाद भारत लौट रहे हैं, तो आपको 20g/40g वाली फ्री ड्यूटी लिमिट का फायदा नहीं मिलता।

सोने के गहने (Jewellery): आपको अपनी पूरी ज्वेलरी पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी। हालांकि, आप नए बजट के अनुसार ₹75,000 की जनरल बैगेज लिमिट का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन यह केवल व्यक्तिगत सामान के लिए है, शुद्ध सोने के निवेश के लिए नहीं।

सिक्के/बिस्कुट: इन पर पहले ग्राम से ही भारी टैक्स (लगभग 10-15%) देना होगा।

अनिवार्य शर्त: आपको रेड चैनल पर जाकर सारा सोना डिक्लेअर करना होगा।

2. यदि आप 01 साल या उससे ज्यादा समय विदेश में रहे हैं

जो भारतीय नागरिक कम से कम 1 साल विदेश में रहने के बाद लौटते हैं, उन्हें Duty-Free allowance का लाभ मिलता है:

महिला यात्री: अधिकतम 40 ग्राम तक के सोने के गहने बिना किसी टैक्स के ला सकती हैं (कीमत ₹1 लाख तक सीमित होनी चाहिए)।

पुरुष यात्री: अधिकतम 20 ग्राम तक के सोने के गहने टैक्स-फ्री ला सकते हैं (कीमत ₹50,000 तक सीमित होनी चाहिए)।

बच्चे: यदि बच्चा 1 साल से अधिक विदेश में रहा है, तो वह भी अपने जेंडर के अनुसार 20g या 40g सोना ला सकता है।
3. विशेष नियम: 06 महीने से अधिक रहने पर (Transfer of Residence)

अगर आप विदेश में 6 महीने से ज्यादा रहे हैं और अपना सामान भारत शिफ्ट कर रहे हैं, तो आप 1 किलो तक सोना अपने साथ ला सकते हैं।

इसमें आपको टैक्स (कस्टम ड्यूटी) तो देना होगा, लेकिन यह दर सामान्य से कम हो सकती है।

इसके लिए आपको यह साबित करना होगा कि सोना आपकी अपनी कमाई से खरीदा गया है।

Golden Advice":

1. जाते समय: 'एक्सपोर्ट सर्टिफिकेट' (Export Certificate)

अगर आप भारी गहने (जैसे मंगलसूत्र, भारी चेन या कंगन) पहनकर विदेश जा रहे हैं, तो भारत छोड़ते समय एयरपोर्ट पर Customs Desk पर जाएं।

वहां मौजूद अधिकारी को अपने गहने दिखाएं।

वे एक Export Certificate जारी करेंगे जिसमें गहनों का वजन, फोटो और विवरण होगा।

यह सर्टिफिकेट इस बात का सबूत है कि यह सोना भारत का ही है।

2. आते समय: सर्टिफिकेट दिखाएं

जब आप वापस भारत आएंगे, तो रेड चैनल पर अधिकारी आपसे उन गहनों पर टैक्स मांग सकते हैं। तब आप अपना Export Certificate दिखा दें। इसे देखने के बाद वे आपसे एक रुपया भी टैक्स नहीं लेंगे, चाहे सोने का वजन 100 ग्राम ही क्यों न हो।

3. अगर सर्टिफिकेट नहीं बनवाया तो क्या होगा?

ज्यादातर लोग सर्टिफिकेट नहीं बनवाते। ऐसी स्थिति में:

मामूली गहने: अगर आपने बहुत कम सोना (जैसे एक पतली अंगूठी या छोटी चेन) पहना है, तो कस्टम अधिकारी आमतौर पर परेशान नहीं करते।

भारी गहने: अगर आपने ज्यादा सोना पहना है और आपके पास सर्टिफिकेट नहीं है, तो अधिकारी उसे "विदेश से खरीदा हुआ" मान सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपको ऊपर बताई गई लिमिट (20g/40g या ₹1 लाख) के आधार पर टैक्स देना पड़ सकता है।


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इलेक्ट्रिक बैटरी की कहानी 





Appraisal Certificate: सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अपने साथ किसी मान्यता प्राप्त जौहरी (Jeweller) का वैल्यूएशन सर्टिफिकेट भी रखें, ताकि वजन और शुद्धता पर कोई बहस न हो।

फोटो खींच लें: सुरक्षा के लिए जाते समय गहने पहने हुए अपनी एक फोटो भी फोन में रखें।

अगर आप ₹1-2 लाख से ज्यादा का सोना पहनकर जा रहे हैं, तो 15 मिनट निकालकर Export Certificate बनवाना ही सबसे समझदारी है।

चेतावनी

भले ही सरकार ने 40 ग्राम की छूट दी हो, लेकिन ₹1 लाख की वैल्यू वाली शर्त आज के समय में ज्यादा प्रभावी है। अगर आप 40 ग्राम सोना ला रहे हैं, तो तैयार रहें कि आपको ₹1 लाख से ऊपर की वैल्यू पर टैक्स देना पड़ सकता है।"

🧳 विदेश यात्रा चेकलिस्ट: सोने के गहनों के लिए जरूरी नियम

अगर आप विदेश जा रहे हैं या वहां से लौट रहे हैं, तो इन  बातों का ध्यान रखें:

विदेश जाते समय (Departure): यदि आपने भारी गहने पहने हैं, तो एयरपोर्ट पर 'Customs Export Certificate' जरूर बनवाएं। इसके लिए गहनों की रसीद साथ रखें।

फोटो प्रूफ: सुरक्षा के लिए जाते समय गहनों के साथ अपनी एक फोटो खींच लें और बिल की फोटो गूगल ड्राइव या फोन में सेव रखें।

लिमिट का ध्यान (Arrival): याद रखें कि महिला के लिए 40 ग्राम और पुरुष के लिए 20 ग्राम की छूट है, लेकिन सोने की बढ़ती कीमतों के कारण ₹1,00,000 की वैल्यू लिमिट पहले लागू हो सकती है।

सिक्के और बिस्कुट: ध्यान रहे, सोने के सिक्कों या ईंट (Bars) पर कोई फ्री छूट नहीं है। इन पर पहले ग्राम से ही टैक्स देना होगा।

ईमानदारी से डिक्लेरेशन: यदि आपके पास लिमिट से ज्यादा सोना है, तो Red Channel चुनें। 'ATITHI' ऐप का इस्तेमाल करके आप पहले ही जानकारी दे सकते हैं।

सावधान: यदि आपके विदेशी मित्र भारत आ रहे हैं, तो उन्हें बता दें कि भारतीयों की तरह उन्हें सोने पर वजन वाली छूट नहीं मिलती। वे केवल अपने इस्तेमाल के सामान्य गहने ही पहनकर आएं।"


विदेशी नागरिकों (Foreign Nationals) के लिए नियम थोड़े अलग और थोड़े सख्त होते हैं। उन्हें वह 20 ग्राम/40 ग्राम वाली ज्वेलरी की छूट नहीं मिलती जो भारतीयों को मिलती है।

यहाँ विदेशी पर्यटकों (Foreign Tourists) के लिए मुख्य नियम दिए गए हैं:

1. जनरल बैगेज लिमिट (Duty-Free Limit)

बजट 2026 के नए नियमों के अनुसार, एक विदेशी नागरिक अपने साथ कुछ सीमा तक सामान बिना टैक्स के ला सकता है, लेकिन यह लिमिट भारतीयों से कम है:

विदेशी पर्यटक: अधिकतम ₹25,000 तक का सामान (गिफ्ट या निजी सामान) बिना टैक्स के ला सकते हैं।

ध्यान दें: यह लिमिट 'सोने' के लिए विशेष रूप से नहीं है, बल्कि आपके पूरे सामान की वैल्यू के लिए है।

2. क्या विदेशी नागरिक टैक्स-फ्री सोना ला सकते हैं?

नहीं। 20g/40g वाली फ्री ज्वेलरी की छूट सिर्फ उन भारतीय नागरिकों या भारतीय मूल के लोगों (OCI/PIO) के लिए है जो 1 साल से ज्यादा विदेश में रहे हों।

यदि कोई विदेशी नागरिक (जैसे अमेरिकी या ब्रिटिश पर्यटक) भारत आ रहा है, तो वह केवल वही गहने ला सकता है जो उसने खुद पहने हुए हों और जो उसके व्यक्तिगत उपयोग (Personal Use) के लिए हों।

अगर वह बहुत भारी गहने पहनकर आता है, तो कस्टम अधिकारी उसे "कमर्शियल आयात" (बेचने के लिए लाया गया) मान सकते हैं और टैक्स मांग सकते हैं।

3. सोना लाने की अधिकतम सीमा

कोई भी विदेशी नागरिक या NRI अधिकतम 1 किलो तक सोना भारत ला सकता है, लेकिन:

उसे पूरी कस्टम ड्यूटी चुकानी होगी।

यह ड्यूटी विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) में चुकानी होती है।

बजट 2026 के बाद, निजी उपयोग के लिए लाए गए सामान पर कस्टम ड्यूटी को तर्कसंगत बनाकर 10% के आसपास रखा गया है (जो पहले 20% तक जा सकती थी) । ओर हाँ चालकी करने की कोशिश बिल्कुल न करे जो कस्टम अधिकारी है उन्हें कई सालों का गहरा तजुर्बा होता है  ,वो आपके हाव भाव से ही आपको पहचान जाते है और अब तो AI भी उनकी मदद कर सकता है 

निष्कर्ष:

विदेश से सोना लाना अब पहले से थोड़ा आसान और स्पष्ट है, खासकर बजट 2026 में बढ़ी हुई ₹75,000 की सामान्य छूट के बाद। हालांकि, सोने के वजन और उसके प्रकार (गहने बनाम सिक्के) को लेकर हमेशा सावधान रहें। यदि आप नियमों का पालन करते हैं और ईमानदारी से घोषणा करते हैं, तो आपकी यात्रा सुखद और तनावमुक्त रहेगी।

"क्या आपका विदेश यात्रा और सोने से जुड़ा कोई और सवाल है? नीचे कमेंट बॉक्स में पूछें, हम आपकी मदद करने की कोशिश करेंगे ,सवाल वैधानिक होना चाहिए"

Blog written By 

Sanjeev walia, HP 


नमस्ते, मैं संजीव वालिया हूँ। मैं इस ब्लॉग के जरिए आपको फाइनेंस और सरकारी नियमों की सटीक जानकारी आसान भाषा में देने की कोशिश करता हूँ। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया, तो इसे शेयर जरूर करें!

 


रविवार, 1 फ़रवरी 2026

वैश्य और खत्री में क्या अंतर है ?

 बिजनेस समुदाय से संबंध  होने पर भी दोनों अलग क्यों है जानिए।


वैश्य और खत्री में क्या अंतर है ?

वैश्य और खत्री में क्या अंतर है? इतिहास, समाज और गोत्र की पूरी जानकारी


वैश्य और खत्री में क्या अंतर है? इतिहास, समाज और गोत्र की पूरी जानकारी

1. ऐतिहासिक उत्पत्ति और वर्ण व्यवस्था

वैश्य: यह हिंदू वर्ण व्यवस्था का तीसरा वर्ण है। प्राचीन काल से ही इस समूह का मुख्य उत्तरदायित्व व्यापार, कृषि और पशुपालन रहा है। भारत के लगभग हर राज्य में वैश्य समुदाय (जैसे अग्रवाल, माहेश्वरी, खंडेलवाल आदि) पाए जाते हैं।
खत्री: 'खत्री' शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 'क्षत्रिय' शब्द से मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से यह पंजाब क्षेत्र का एक योद्धा और शासक वर्ग था। समय के साथ, मध्यकाल के दौरान, खत्रियों ने व्यापार, प्रशासन और लेखन (पेशा) के क्षेत्रों में अपनी धाक जमाई।

2. भौगोलिक क्षेत्र

वैश्य: इनका विस्तार पूरे भारत में है। उत्तर भारत में इन्हें 'बनिया' या 'मारवाड़ी' के रूप में जाना जाता है, जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत में इनके अलग-अलग क्षेत्रीय नाम हैं।
खत्री: इनकी जड़ें मुख्य रूप से पंजाब (अविभाजित पंजाब) और उत्तर-पश्चिमी भारत में हैं। विभाजन के बाद ये दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अधिक सक्रिय हो गए।

यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत शहर सोलन का इतिहास और जानकारी"

3. उप-जातियां और गोत्र

समुदाय

1. वैश्य
प्रमुख उप जातियां अग्रवाल,गुप्ता, महेश्वरी ,ओसवाल, बंसल, गोयल , सिंघल आदि

2. खत्री
कपूर , खन्ना, मल्होत्रा, पूरी, टंडन अरोड़ा, वालिया, आहलूवालिया आदि

 4. धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

वैश्य: वैश्य समुदाय आमतौर पर शाकाहारी परंपराओं और जैन या हिंदू धर्म के वैष्णव संप्रदायों से गहराई से जुड़ा होता है।
खत्री: खत्री समुदाय का सिख धर्म के साथ बहुत गहरा नाता है। सिखों के सभी दस गुरु खत्री वंश के थे। यही कारण है कि आज भी कई खत्री परिवारों में हिंदू और सिख दोनों परंपराओं का संगम मिलता है।

5. मुख्य अंतर एक नजर में

मूल पेशा: वैश्य पारंपरिक रूप से शुरू से ही व्यापारिक वर्ग रहे हैं, जबकि खत्री योद्धा पृष्ठभूमि से व्यापार और प्रशासन की ओर मुड़े।
भोजन: वैश्य समाज में शाकाहार का पालन बहुत सख्ती से किया जाता है, जबकि खत्री समाज में खान-पान को लेकर अधिक लचीलापन (मांसाहार का समावेश) देखने को मिलता है।

 निष्कर्ष (Conclusion)

निष्कर्ष के तौर पर, यह कहा जा सकता है कि वैश्य और खत्री दोनों ही समुदायों ने भारत की अर्थव्यवस्था और संस्कृति को समृद्ध करने में अतुलनीय योगदान दिया है। जहाँ वैश्य समुदाय अपनी शांतिप्रिय प्रवृत्ति और शुद्ध व्यापारिक कौशल के लिए जाना जाता है, वहीं खत्री समुदाय अपनी साहसी पृष्ठभूमि और प्रशासनिक दक्षता के लिए प्रसिद्ध है।
समय के साथ, आधुनिक दौर में ये अंतर केवल इतिहास के पन्नों तक सिमट कर रह गए हैं और आज दोनों ही समुदाय शिक्षा, तकनीक और वैश्विक व्यापार में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। उम्मीद है कि यह लेख आपको इन दोनों समुदायों की विशिष्टता को समझने में मददगार साबित हुआ होगा।"


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)


प्रश्न 1: क्या खत्री और वैश्य एक ही हैं?


उत्तर: नहीं, ऐतिहासिक रूप से ये दोनों अलग हैं। वैश्य हिंदू वर्ण व्यवस्था का तीसरा वर्ण है जो पारंपरिक रूप से व्यापार से जुड़ा है। वहीं, खत्री मूल रूप से क्षत्रिय (योद्धा) मूल के माने जाते हैं, जिन्होंने बाद में व्यापार और प्रशासन को अपना पेशा बनाया।

प्रश्न 2: सिखों के गुरु किस समुदाय से थे?

उत्तर: सिख धर्म के सभी दस गुरु खत्री (Khatri) समुदाय से थे। इनमें बेदी, त्रेहन, भल्ला और सोढ़ी वंश प्रमुख थे।

प्रश्न 3: अग्रवाल, गुप्ता और माहेश्वरी किस श्रेणी में आते हैं?

उत्तर: ये सभी प्रमुख उप-जातियां वैश्य (Vaishya) समुदाय के अंतर्गत आती हैं, जिन्हें उत्तर भारत में अक्सर 'बनिया' या 'मारवाड़ी' भी कहा जाता है।

प्रश्न 4: खत्री समुदाय मुख्य रूप से कहाँ पाया जाता है?

उत्तर: खत्री समुदाय की जड़ें मुख्य रूप से अविभाजित पंजाब में हैं। आज ये दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में निवास करते हैं।

प्रश्न 5: क्या खत्री और वैश्य के खान-पान में अंतर होता है?

उत्तर: हाँ, पारंपरिक तौर पर वैश्य समुदाय में कड़ाई से शाकाहार का पालन किया जाता है। इसके विपरीत, खत्री समुदाय में मांसाहार का प्रचलन सामाजिक रूप से स्वीकार्य रहा है, जो उनकी योद्धा पृष्ठभूमि को दर्शाता है।



मंगलवार, 20 जनवरी 2026

AI से पैसे कैसे कमाएं? जानिए 7 बेहतरीन तरीके


AI का बेहतरीन उपयोग पैसे कमाने के लिए ।

आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि एक नया कमाई का जरिया बन चुका है। अगर आप इंटरनेट पर काम करके पैसा कमाना चाहते हैं, तो AI आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि आम लोग AI की मदद से घर बैठे कैसे पैसे कमा सकते हैं।


AI टूल जैसे ChatGPT, Jasper या Copy.ai की मदद से आप ब्लॉग, आर्टिकल, सोशल मीडिया पोस्ट और स्क्रिप्ट लिख सकते हैं। इन्हें आप:


क्लाइंट को बेच सकते हैं (Freelancing)

खुद का ब्लॉग बना सकते हैं (जैसे Blogger या WordPress पर)

YouTube वीडियो के लिए स्क्रिप्ट बना सकते है

 ब्लॉगिंग और SEO आर्टिकल लिख सकते है

AI की मदद से आप तेजी से SEO-अनुकूल आर्टिकल बना सकते हैं और अपने ब्लॉग पर पोस्ट कर सकते हैं। फिर उस पर:

Google AdSense से पैसे कमा सकते हैं

Affiliate मार्केटिंग कर सकते हैं

Sponsored पोस्ट ले सकते हैं

 टिप: अपने ब्लॉग को एक niche (विषय) पर केंद्रित रखें, जैसे Tech, Education, या Health

यूट्यूब वीडियो आइडिया और स्क्रिप्ट

AI टूल्स से वीडियो के लिए स्क्रिप्ट और टॉपिक तैयार करें और खुद वीडियो बनाएं या Voiceover के साथ AI Generated वीडियो बनाएं। इससे Ad Revenue और Sponsorship से कमाई हो सकती है

 Freelancing के जरिए कमाई

आप Fiverr, Upwork, Freelancer जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर "AI Content Writer", "AI Researcher", या "AI Image Editor" जैसे gigs बनाकर काम कर सकते हैं।


🔧 जिन कामों की डिमांड है:


AI Resume Writing


Product Description via AI


Chatbot Writing


AI Voiceover


 AI से इमेज और डिजाइन बनाना

Midjourney, DALL·E, Canva AI आदि टूल्स की मदद से आप:


Social Media Graphics बना सकते हैं


NFT Art डिजाइन कर सकते हैं


Clients के लिए Logo और Banner तैयार कर सकते हैं


इन Designs को आप Fiverr या Etsy जैसी साइट्स पर बेच सकते हैं।


eBook लेखन और सेल

AI की सहायता से आप खुद की किताबें (eBook) लिख सकते हैं और उन्हें Amazon Kindle पर बेच सकते हैं।


📚 उदाहरण टॉपिक्स:


How to Start a YouTube Channel


Digital Marketing Guide


Motivational Stories


7️⃣ AI Tools का Review करना

AI टूल्स के ऊपर Honest Review लिखकर या वीडियो बनाकर आप Affiliate Commission कमा सकते हैं। जैसे Jasper, Surfer SEO, Writesonic आदि।


निष्कर्ष:

AI एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन पैसा कमाने के लिए सिर्फ टूल्स नहीं, दिमाग और रणनीति की भी ज़रूरत होती है। अगर आप रचनात्मक हैं, सीखने के लिए तैयार हैं, और मेहनत से नहीं डरते, तो AI आपके लिए असीमित कमाई के दरवाजे खोल सकता है।


आपका अगला कदम क्या होना चाहिए?

एक niche चुनिए


एक AI टूल सीखिए (जैसे ChatGPT या Canva AI)


एक प्लेटफॉर्म चुनिए (Blog, YouTube, Fiverr)


और शुरू कीजिए अपनी AI कमाई की यात्रा!



एक बार फिर से आपको स्टेप बाई स्टेप बता सकते है कि AI का कैसे यूज़ करे



1. कंटेंट राइटिंग और ब्लॉगिंग (Content Writing)

आजकल AI (जैसे Gemini या ChatGPT) की मदद से आर्टिकल लिखना बहुत आसान हो गया है।

  • कैसे कमाएं: आप फ्रीलांसिंग वेबसाइट्स (Fiverr, Upwork) पर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर सकते हैं या अपना खुद का ब्लॉग (जैसे यह वाला) शुरू कर सकते हैं।

  • टिप: AI से लिखवाने के बाद उसमें अपनी 'भाषा' और 'अनुभव' जरूर जोड़ें ताकि वह असली लगे।

​2. AI जनरेटेड इमेज और आर्ट (AI Art)

​आप Nano Banana जैसे टूल्स का उपयोग करके बेहतरीन इमेज बना सकते हैं।

  • कैसे कमाएं: आप इन इमेज को स्टॉक वेबसाइट्स (Shutterstock, Adobe Stock) पर बेच सकते हैं या लोगों के लिए कस्टम लोगो (Logo) और सोशल मीडिया पोस्ट डिज़ाइन कर सकते हैं।

​3. यूट्यूब और रील्स (Faceless YouTube Channels)

बिना चेहरा दिखाए भी आप AI की मदद से वीडियो बना सकते हैं।

  • कैसे कमाएं: AI से स्क्रिप्ट लिखवाएं, AI वॉइसओवर (Voiceover) का इस्तेमाल करें और वीडियो बनाकर YouTube या Instagram पर डालें। जब फॉलोअर्स बढ़ जाएंगे, तो स्पॉन्सरशिप और एड्स से कमाई होगी।

4. ऑनलाइन कोर्स और ई-बुक (E-books & Courses)

अगर आपको किसी विषय की जानकारी है, तो AI की मदद से उसकी एक किताब (E-book) तैयार करें।

  • कैसे कमाएं: इसे Amazon Kindle पर पब्लिश करें। AI आपकी किताब की रूपरेखा तैयार करने और व्याकरण (Grammar) सुधारने में मदद करेगा।

​5. प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering)

​यह एक नया और भविष्य का करियर है। इसमें आपको AI को सही निर्देश (Prompts) देना सीखना होता है।

  • कैसे कमाएं: कंपनियाँ अब ऐसे लोगों को काम पर रख रही हैं जो AI से सटीक काम निकलवा सकें। आप बेहतरीन 'Prompts' बनाकर उन्हें प्रॉम्प्ट बेस (Prompt Base) जैसी साइट्स पर बेच भी सकते हैं।




सोमवार, 19 जनवरी 2026

क्या खाना खाने के तुरंत बाद ब्रश करना चाहिए या एक घंटे बाद ?

खाना खाने के तुरंत बाद ब्रश करना आपके दांतों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

डेंटिस्ट्स के अनुसार, खाना खाने के बाद 30 से 60 मिनट तक रुकना सबसे सही होता है।

​इसके पीछे मुख्य कारण और सही तरीका नीचे दिया गया है:

​तुरंत ब्रश क्यों नहीं करना चाहिए?

  • कमजोर इनेमल: जब हम कुछ खाते हैं (खासकर मीठा या खट्टा/एसिडिक जैसे नींबू, सोडा, फल), तो मुंह में एसिड बनता है। यह एसिड आपके दांतों की सबसे बाहरी और सुरक्षात्मक परत, जिसे इनेमल (Enamel) कहते हैं, को कुछ समय के लिए नरम या कमजोर कर देता है।
  • घिसावट का खतरा: अगर आप तुरंत ब्रश करते हैं, तो ब्रश के ब्रिसल्स उस नरम इनेमल को रगड़कर घिस सकते हैं। इससे दांतों में सेंसिटिविटी (झुनझुनी) और कमजोरी आ सकती है।
  • प्राकृतिक सुरक्षा: हमारे मुंह की लार (Saliva) प्राकृतिक रूप से उस एसिड को खत्म करने और इनेमल को वापस सख्त बनाने का काम करती है। इस प्रक्रिया में करीब 30-60 मिनट का समय लगता है।

​खाने के बाद क्या करें? (सही रूटीन)

​अगर आपको खाने के बाद मुंह साफ करना जरूरी लगता है, तो आप ये कदम उठा सकते हैं:

  1. पानी से कुल्ला करें: खाने के तुरंत बाद साफ पानी से अच्छे से कुल्ला (Rinse) करें। इससे खाने के कण निकल जाते हैं और एसिड का असर कम होता है।
  2. 30-60 मिनट रुकें: ब्रश करने के लिए कम से कम आधा घंटा इंतजार करें।
  3. शुगर-फ्री गम: आप शुगर-फ्री च्युइंग गम चबा सकते हैं, इससे लार ज्यादा बनती है जो दांतों की सुरक्षा करती है
ज्यादातर डेंटिस्ट्स का मानना है कि नाश्ते से पहले (उठते ही) ब्रश करना दांतों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके पीछे कुछ ठोस वैज्ञानिक कारण हैं:
पहले ब्रश करने के फायदे

बैक्टीरिया का सफाया: रात भर सोते समय हमारे मुंह में बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं (यही कारण है कि सुबह सांसों में बदबू आती है)। उठते ही ब्रश करने से ये बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं, जिससे वे आपके नाश्ते के साथ पेट में नहीं जाते।

सुरक्षा कवच (Fluoride Coating): फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट आपके दांतों पर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है। जब आप ब्रश करने के बाद नाश्ता करते हैं, तो यह परत खाने के एसिड से आपके इनेमल को बचाती है।

लार (Saliva) का उत्पादन: ब्रश करने से मुंह में लार का उत्पादन बढ़ता है, जो प्राकृतिक रूप से खाने को पचाने और कीटाणुओं से लड़ने में मदद करती है।

अगर आप नाश्ते के "बाद" ब्रश करना चाहें
अगर आपको नाश्ते के बाद ब्रश करना ही पसंद है, तो ऊपर बताई गई बात का ध्यान जरूर रखें:
नाश्ते के तुरंत बाद ब्रश न करें।
कम से कम 30 से 60 मिनट का इंतजार करें ताकि इनेमल वापस सख्त हो जाए।
तब तक के लिए सादे पानी से अच्छे से कुल्ला कर लें।

एक जरूरी टिप:  रात का ब्रश सबसे अहम है

सुबह आप पहले करें या बाद में, लेकिन रात को सोने से पहले ब्रश करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। रात भर दांतों पर फंसा खाना सड़न पैदा करता है, इसलिए सोते समय मुंह एकदम साफ होना चाहिए।

सोमवार, 24 जनवरी 2022

दिमाग को कॉपी करने वाली तकनीक बस आने वाली है ।

दिमाग की कॉपी करने वाली तकनीक बस आने वाली है
दिमाग को कॉपी करने वाली तकनीक बस आने वाली है 



स्पीच सिंथेसाइजर जैसी तकनीक से एक कदम आगे की सोच रहे है एलन मस्क

 SpaceX और Tesla जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क कुछ नया करने जा रहे है जो शायद मनुष्य जीवन मे अब तक कि सबसे लंबी छलांग होगी  । एलन मस्क  एक ऐसा तकनीक पर काम कर रहे है जिससे आपके दिमाग की मैपिंग करना बच्चों का खेल हो जाएगा ।

आने वाले समय में लोगों को कंप्यूटर और स्मार्टफोन इस्तेमाल करने के लिए बोलने की भी आवश्यकता  नही पड़ेगी ओर चुटकियों में काम हो जाएगा ।


  दिमाग के सहारे चलेंगे आपके गैजेट

 मस्‍क की कपनी ह्यूमन कंप्यूटर इंटरफेस कंपनी न्यूरालिंक (Neuralink) लंबे समय से एक ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिसके सहारे लोगों के दिमाग में एक  चिप (Chip) इंप्लांट करने के बाद उनके सोचने भर से कई तरह की गतिविधि सम्भव हो जाएगी दूसरे शब्दों में कहे, तो टेलीपैथी यानी दिमाग की सोच के सहारे स्मार्टफोन और कंप्यूटर को ऑपरेट किया जा सकेगा , इस न्यूरल चिप इंप्लांट के बाद बिना कोई कमांड दिये बगैर  केवल दिमाग में उस चीज के बारे में सोचने भर से काम शुरू हो जाएगा. अभी तक कंप्यूटर चलाने के लिए आपको बोलना जरूरी होता था पर अब आपको किसी भी काम को करने के लिए बोलना भी जरूरी नही रहेगा बस सोचना मात्र होगा. बाकी का काम ये चिप कर देगी. 


 क्या है Neura Link ?


Neura link तकनीक में रोबोट की मदद से दिमाग मे electrode डाले जाएंगे  । खोपड़ी में एक माइनर से आपरेशन करके ये चिप इंसान के दिमाग मे फिट कर दी जाएगी उससे वह क्या सोच रहा है सब पता चल जाएगा क्योंकि चिप में लगा कंप्यूटर बड़ी जल्दी उसके दिमाग को पढ़ना सिख जाएगा 


दिमाग में करीब एक अरब न्यूरॉन होते है क्या इसकी कॉपी कर पाना सम्भव होगा  ?


शुरुआत में तो इससे केवल 1% इंसानी दिमाग को समझने की कोशिश की जायेगी न्यूरलिंक की इस चिप  से लोग अपनी यादों को संभाल कर रखने में कामयाब होंगे ,मतलब आप स्मार्टफोन के जैसे ही अपनी बैकअप मेमोरी बना पाओगे, ओर तो ओर इस  चिप के जरिये लोग अपनी याद्दाश्त को भी बढ़ा पाएंगे  , ब्रेन स्ट्रोक जैसी स्थिति में  इसे कंट्रोल भी किया जा सकेगा । पार्किसन जैसे रोगों में भी ये बड़ी मदद करेगा ।



 कहाँ तक पहुंची है यह तकनीक ?


न्यूरालिंक का परीक्षण बंदरों पर किया जा चुका है और यह उनमें अच्छे से काम कर रहा है. इससे एक बंदर आसानी से पोंग नाम का आर्केड गेम खेलना सीख गया है जिस को पहले जॉयस्टिक से खिलाया गया बाद में उसे हटा कर wireless चिप  से दिमाग को जोड़ा गया चौंकाने वाली बात यह रही कि बन्दर जैसा ही दिमाग मे सोचता वैसे ही एक दिमाग मे कंप्यूटर प्रोग्राम बना दिखता जिससे उसके सोचने के ढंग का भी पता लग रहा था  . न्यूरालिंक  चिप को बाल से भी पतले तारों के जरिये  दिमाग से जोड़ा जा रहा है. उम्मीद है कि यह इस साल या अगले साल मार्किट में आ सकता है  बन्दर के बाद सुअर पर भी इसका प्रयोग किया जा चुका है ।

क्या फायदा होगा नई तकनीक का ?


दुनिया मे सैकड़ो लोग ऐसे है जो बोल सुन नही पाते ,कुछ ऐसे भी है जो देख नही पाते ,इस तकनीक से उन लोगो की ब्रेन मैपिंग करके उनके दिमाग को समझने में मदद मिलेगी ,आसान शब्दो मे उनकी दिल की बात अब लोग सुन सकेंगे ।


  क्या खतरा है नई तकनीक से ?


 आज तक जितने अविष्कार हुए है उसे इंसान के लिए अच्छा बता कर प्रचारित किया गया पर बाद में वो इंसान के लिए भस्मासुर साबित हुये इसका भी कुछ ऐसा ही हाल लग रहा है । लोगो का दिमाग पढ़ने से अपराधियों पर लगाम लगाई जा सकेगी पर दूसरी यही आदमी किसी के दिमाग को पढ़ कर इनका उल्टा प्रयोग करने लगेंगे ।


बुधवार, 19 जनवरी 2022

इज़राइल ने अरबो के परमाणु बम से अपने को किया सुरक्षित ।

इज़राइल ने  अरबो के परमाणु बम से अपने को किया सुरक्षित ।

 इज़राइल ने  अरबो के परमाणु बम से अपने को किया सुरक्षित ।



इज़राइल ने किया Arrow 3 मिसाइल का परीक्षण ।


  क्या है Arrow 3 ? 


 एरो 3  मिसाइल वायुमण्डल के बाहर ही  दुश्मन की बैलेस्टिक मिसाईल को मार गिराने में सक्षम होगी 


क्या फायदा होगा इसका ?


  अभी  कोई भी बैलेस्टिक मिसाईल अपने दुश्मन पर अटैक करने के लिए पहले अपने देश से सीधे अन्तरिक्ष में जाती है और फिर वहां से जीपीएस की मदद से सीधे दुगनी रफ्तार से अपने दुश्मन देश के लक्ष्य को भेदती है,  इज़राइल के पास अभी भी iron Dome नाम की प्रतिरक्षा प्रणाली थी जिससे उसके ऊपर  कोई भी रॉकेट ओर बैलेस्टिक मिसाईल मार नही कर सकती थी  जो दुनिया ने इज़राईल हमास के बीच हुए युद्ध मे देखी थी । जिससे हमास के राकेट फुलझड़ी साबित हुए थे ।


बैलेस्टिक मिसाईल को नष्ट करने की क्षमता के बावजूद क्यों परेशान था इज़राइल ?


 बैलेस्टिक मिसाईल को तो इज़राइल आसमान में कुछ किलोमीटर ऊपर ही नष्ट कर सकता है पर यदि कोई देश परमाणु वाली बैलेस्टिक मिसाईल उसके ऊपर छोड़ता तो इज़राईल कुछ नही कर सकता था  क्योंकि अगर वो उसे कुछ किलोमीटर ऊपर destroy करता तो उस के अंदर रखी गई परमाणु सामग्री काफ़ी बड़े इलाके में फैल जाती और रेडिएशन बारिश या किसी भी रूप में वापिस इज़राईल  की धरती में ही गिरती जिससे कुछ किलोमीटर में फैला इज़राईल तबाह हो सकता था ,ख़ास कर ईरान के परमाणु प्रोग्राम को देखते हुए इज़राईल बड़ा चिंतित था ,अब वह इस arrow 3 से वायुमण्डल के बाहर ही  बैलेस्टिक मिसाईल को मार के गिराने में सक्षम हो गया है  जिससे अगर परमाणु मिसाईल इज़राइल द्वारा नष्ट भी की जाएगी तो उसका प्रभाव अन्तरिक्ष में ही रह जायेगा । यानी परमाणु युद से बचाव का  पूरा इंतज़ाम ,हां नजदीक से रॉकेट के जरिये अभी भी परमाणु हमला संभव है पर किसी भी परमाणु हथियार को चलाने से पहले उसे एक्टिवेट किया जाता है और नजदीक से हमला अगर करने की कोशिश की गई तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली उसके ऐक्टिविशन प्रोसेस को लगभग 100 किलोमीटर दूर से पकड़ लेगी ओर इज़राईल के बाकी विमान घुस कर उसे operate ही नही होने देंगे ।

भारत की क्या है तैयारी ?


 भारत  पहले ही anti सेटेलाइट मिसाईल का परीक्षण कर चुका है जो  इन मिसाइलों को तो छोड़िये ,इनको ऑपरेट करने वाली सेटेलाईट को ही तबाह करने में सक्षम होगा  ऐसे में  बिना जीपीएस के ये मिसाईल टॉय 2 फिस हो सकती है । बेशर्ते वो किसी शक्तिशाली देश की GPS सेवाएं ना ले रहा हो जिससे जीपीएस सेटेलाइट तबाह करने के कारण वो देश भारत का दुश्मन बन जाये ।

शनिवार, 15 जनवरी 2022

क्रिप्टोकरेंसी की पूरी रामायण

क्रिप्टोकरेंसी की पूरी रामायण ।

क्रिप्टोकरेंसी की पूरी रामायण
क्रिप्टोकरेंसी की पूरी रामायण

   एलेन मस्क (टेस्ला ओर स्पेस एक्स के मालिक )के बाद जेफ बेजोस( अमेज़न .कॉम के संस्थापक) भी  क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सुर्खियों में है जिन्होंने क्रिप्टो की दुनिया मे  उतरने का इशारा किया है  जिसके कारण अचानक फिर से डिजिटल करेंसी पर नई रेस चल पड़ी है । भारत मे शीतकालीन संसद अधिवेशन में इसको लेकर बहस हो सकती है और इस पर बिल भी पास होने की संभावना है उम्मीद तो ये है कि भारत भी अपनी क्रिप्टोकरेंसी के बारे में कुछ निणर्य ले सकता है । एक अनुमान के अनुसार भारत मे डेढ़ करोड़ लोग क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किये है जिसमे 1000 करोड़ तक कि रकम इस बाजार में लगी है  । 

क्रिप्टोकरेंसी दुनिया मे पहले बार तब आम लोगो की नज़र में आई जब मीडिया में एक खबर ने सुर्खियां बटोरी  ,खबर यह थी कि बिटकॉइन जो तीन चार साल पहले केवल एक रुपये के हजारवें भाग में मिलता था उसका रेट बढ कर 48 लाख प्रति कॉइन हो गया । यानी अगर तीन साल पहले किसी ने  एक रुपया भी बिटकॉइन में लगाया होता तो वो 45 लाख के मालिक बन गया  होता ।

   क्रिप्टो करेंसी मार्किट ओर किस नाम से जानी जाती  है ?

जहां क्रिप्टो करेंसी  की खरीद फरोख्त होती  है. उसे क्रिप्टोकरेंसी  एक्सचेंज, कहते है इसे   DCE, कॉइन बाजार ,क्रिप्टो बाज़ार ओर डिजिटल करेंसी बाजार जैसे नामों से जाना जाता है. 

बिटकॉइन की शुरुआत कैसे हुई ?

क्रिप्टोकरेंसी  की शुरुआत जापानी सतोशी नाकामोतो ने 2009 में शुरू किया था, लेकिन ऐसा नहीं है. कि इससे पहले इस पर कोई काम नही हुआ . अमरीका ने  भी इससे पहले 1996 में इससे मिलता जुलता  इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड लॉन्च किया था, जिससे बाद में शेयर बाजार में गोल्ड ETF की शुरुआत हुई ।

 क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी ?

   सभी देशो मे लोकल लेन देन के लिए  एक स्थानीय मुद्रा होती है जैसे भारत की रुपया ओर UK की पोंड पर ये सब बिना किसी बाधा के दूसरे देश मे नही चलती इनकी सबकी एक्सचेंज वेल्यू होती है जिससे इनका रेट भी अलग 2 होता है  पर क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी मुद्रा होती है  जिसकी स्वीकार्यता एक बराबर सब जगह एक जैसी होती है ।
        क्रिप्टोकरेंसी एक  कम्प्यूटर एल्गोरिदम  पर बनी डिजिटल करेंसी है  इस पर कोई भी  देश व गवर्नमेंट अपना  नियंत्रण नहीं रख सकती क्योंकि यह ऑनलाइन उपलब्ध है  इस संसार में हर एक नई चीज का शुरू में विरोोध होता है औरअपने शुरु के दिनों में इसका भी जमकर विरोध हुआ  लेकिन बाद में इसने popularity के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए ओर कई देशों ने इसे legal करार कर दिया था ,कुछ देश तो अब खुद की क्रिप्टोकरेंसी लाने की भी तैयारी कर रहे है एल सल्वाडोर  दुनिया का पहला देश भी बन गया जिसने  क्रिप्टोकरेंसी को लीगल मुद्रा के रूप में मान्यता दे दी ।

कई मनोरजक जानकारियां प्राप्त करने के लिए आप मुझे You tube  में  walia Knowldge Hub Vlog  के नाम से फॉलो कर सकते हो 

https://www.youtube.com/channel/UCjWWAYW89-oatEJeYUG9Gcw

कैसे काम करती है Cryptocurrency?


. इसके लेन-देन के लिए जिस प्रणाली का प्रयोग होता  है उसे ब्लॉकचेन कहते हैं। ये डिजिटल करेंसी इनक्रिप्टेड (कोडेड) होती हैं। ओर कंप्यूटर नेटवर्क के जरिए कंट्रोल किया जाता है। इसमें प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल ब्लॉक के द्वारा रिकार्ड रखा जाता है ।
इस ब्लॉक की सिक्योरिटी और इंक्रिप्शन का काम माइनर्स का होता है. इसके लिए वे एक क्रिप्टोग्राफिक  का  हल एक ब्लॉक के जरिये  Hash ( कोड)   में सुरक्षित रखते है
ब्लॉकचेन में दर्ज  होने के कारण इसको हैक या कॉपी करना लगभग असंभव है प्रत्येक लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड इस ब्लॉक के द्वारा आगे से आगे जुड़ता रहता है । क्योंकि इसकी पूरी जानकारी किसी एक के पास  नही होती बल्कि ब्लॉक के जरिये लाखो लोगो के पास होती है जिससे अगर इसे हैक करने हो तो सबकी सहमति एकसाथ चाहिए जो असम्भव है क्रिप्टोग्राफी की मदद से इसका रिकॉर्ड रखा जाता है. क्रिप्टो की खरीद को माइनिंग भी कहा जाता है ।

हैश खोजने से क्या होता है   ?

जब  माइनर अपना सुरक्षित hash खोजकर  इसमे ब्लॉक को सिक्योर कर देता है तत्तपश्चात इसे ब्लॉकचेन से जोड़ देता है और नेटवर्क में दूसरे कंप्यूटर के जरिए उसे वेरिफाई करता है. इस प्रोसेस को आम सहमति कहा जाता है. ।

आम सहमति के बाद क्या होता है ?

अगर आम सहमति  हो गई मतलब ब्लॉक के सिक्योर होने की पुष्टि हो गई. तो उसे सिक्योर करने वाले माइनर को क्रिप्टोक्वॉइन (cryptocoin) अलॉट कर दिए जाते हैं. यह एक रिवार्ड है जिसे काम के बदले मिलता है ।


इस समय कितने डिजिटल मुद्रा बाजार में है ?

कुल 2000  से ज्यादा क्रिप्टो मुद्राएं उपलब्ध हैं. जिन्हें हम Bitcoin के अलावा एथेरियम (ETH), लिटकोइन, डॉगकॉइन (Dogecoin) फेयरकॉइन (FAIR), डैश coin (DASH), पीरकॉइन (PPC), रिपल (XRP)  इत्यादि मार्किट में प्रसिद्ध हैं. 

क्या क्रिप्टोकरेंसी पर भरोसा किया जा सकता है  ।

क्रिप्टोकरेंसी पर भरोसा करने के इलावा अब कोई चारा नही बचा है  इसे आप एक आंकड़े से समझ सकते है 2021 में इसकी मार्किट  2000 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है अब तो जो देश इस पर सही समय पर निणर्य ले लेगा  वो भविष्य में समझदारी का कदम सिद्ध हो सकता है ।


भारतीय मार्केट प्लेयर एक्सचेंज कौन-कौन सी हैं?


WazirX, Unocoin, Zebpay जैसी  भारतीय कंपनियां भारत मे अपनी exchange के द्वारा   क्रिप्टो करेंसी के कारोबार में  अपनी सेवाएं दे रही हैं.  भारत सरकार ना तो इसको स्वीकार करती है ओर ना ही इसपर ban लगा पा रही है । खरीद फरोख्त की ये सभी एक्सचेंज 24 घंटे खुली रहतीहैं. इसको खरीदने और बेचने की प्रक्रिया भी काफी आसान है. आपको केवल इन  exchange  पर साइन अप करना होता है इसके बाद अपना KYC प्रोसेस पूरा कर वॉलेट में मनी ट्रांसफर करना होता है  इसके बाद आप लेन देन शुरू कर सकते है 

कौन है  भारत की सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX के फाइंडर ?

WazirX भारत की सबसे बड़ी ओर लोकप्रिय exchange है जिसके फाउंडर निश्चल शेट्टी है  बाजार में Coinbase और Binance जैसे इंटरनेशनल exchange  से भी आप   Bitcoin, Dogecoin और Ethereum जैसी दूसरी क्रिप्टोकरेंसी  खरीद सकते है , सभी exchange में सारी क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए उपलब्ध नही होती । अलग 2 एक्सचेंज में अलग 2 डिजिटल मुद्रा की लोकप्रियता से इसे लॉन्च किया जाता है  इससे आप दुनिया की महंगी से महंगी चीज़ खरीद सकते है ये अब हर जगह स्वीकार्य हो गया है केवल सरकार को छोड़ कर कुुुछ दिनों पहले वर्ल्ड का सबसे बड़ा हीरा क्रिप्टो करेंसी से ही खरीदा गया ।

 सरकारे इसे स्वीकार करने में डर क्यों रही है  ?

       सरकारें इस पर  शक़ करती आई है और इसे अपनी करेंसी के लिए ख़तरा मानती हैं क्योंकि ये एक ऐसी वर्चुअल दुनिया का हिस्सा है जो  ना तो किसी एक व्यक्ति ओर ना ही सरकार के नियंत्रण में है इसलिए यह  मुद्रा अपनी समानांतर दुनिया खड़ी कर सकता है ।


सट्टा खेलने का अगर  शौक है तो ये है बेहतर विकल्प ।

 cryptocurrency के बाजार में लगा सकते हो बेहतर सट्टा , बाजार में कई ऐसे coin है जो आपको एक पैसे  से भी कम में मिल जाएंगे  कई तो 100 रुपये के आपको  एक करोड़ coin भी मिल जाएंगे  अगर आप मोटा मोटा 100 अलग 2 कॉइन में  100 रुपये प्रति कॉइन के हिसाब से निवेश करके भूल जाये यानी 10,000 रुपये  लगा कर भविष्य  के लिए बुरा सपना समझ के भूल जाये तो किस्मत का पता नही चलता 100 में से अगर एक आधा coin भी चल पड़ा  तो लाखों का फायदा होते समय नही लगेगा ।
आप की knowldge के लिए बता दूं की ज्यादातर कॉइन का कोई fundamental नही होता सब speculation पर चलते है हर कॉइन की एक फिक्स संख्या बाजार में उतारी जाती है  जब सब कॉइन खरीददार द्वारा खरीद लिए जाते है यानी बर्न हो जाते है तब इसकी वैल्यू बढ़ना चालू हो जाता है उसके बाद जब कोई इसे बेचेगा तभी दूसरा इसे खरीद पायेगा इससे इसका रेट बढ़ना चालू हो जाता है यानी अगर 1 पैसे  से भी कम संख्या वाले  coin कभी एक रुपये का हो गया तो एक करोड़ बनते समय नही लगेगा । भारत की सबसे बड़ी क्रिप्टो exchnge wazirx में लगभग  एक लाख लोगो ने एकाउंट बना रखा  है ।

क्रिप्टो करेंसी से inspire होकर एक नई डिजिटल करेंसी आज की दुनिया मे लोगो के सिर चढ़ कर बोल रही है जिसे नॉन फंजिबल टोकन  (NFT) कहा जाता है जल्दी ही इसके बारे में आप के लिए अलग से एक ब्लॉग लाऊंगा ।

आपका संजीव वालिया 

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