मंगलवार, 20 जनवरी 2026

AI से पैसे कैसे कमाएं? जानिए 7 बेहतरीन तरीके


AI का बेहतरीन उपयोग पैसे कमाने के लिए ।

आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि एक नया कमाई का जरिया बन चुका है। अगर आप इंटरनेट पर काम करके पैसा कमाना चाहते हैं, तो AI आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि आम लोग AI की मदद से घर बैठे कैसे पैसे कमा सकते हैं।


AI टूल जैसे ChatGPT, Jasper या Copy.ai की मदद से आप ब्लॉग, आर्टिकल, सोशल मीडिया पोस्ट और स्क्रिप्ट लिख सकते हैं। इन्हें आप:


क्लाइंट को बेच सकते हैं (Freelancing)

खुद का ब्लॉग बना सकते हैं (जैसे Blogger या WordPress पर)

YouTube वीडियो के लिए स्क्रिप्ट बना सकते है

 ब्लॉगिंग और SEO आर्टिकल लिख सकते है

AI की मदद से आप तेजी से SEO-अनुकूल आर्टिकल बना सकते हैं और अपने ब्लॉग पर पोस्ट कर सकते हैं। फिर उस पर:

Google AdSense से पैसे कमा सकते हैं

Affiliate मार्केटिंग कर सकते हैं

Sponsored पोस्ट ले सकते हैं

 टिप: अपने ब्लॉग को एक niche (विषय) पर केंद्रित रखें, जैसे Tech, Education, या Health

यूट्यूब वीडियो आइडिया और स्क्रिप्ट

AI टूल्स से वीडियो के लिए स्क्रिप्ट और टॉपिक तैयार करें और खुद वीडियो बनाएं या Voiceover के साथ AI Generated वीडियो बनाएं। इससे Ad Revenue और Sponsorship से कमाई हो सकती है

 Freelancing के जरिए कमाई

आप Fiverr, Upwork, Freelancer जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर "AI Content Writer", "AI Researcher", या "AI Image Editor" जैसे gigs बनाकर काम कर सकते हैं।


🔧 जिन कामों की डिमांड है:


AI Resume Writing


Product Description via AI


Chatbot Writing


AI Voiceover


 AI से इमेज और डिजाइन बनाना

Midjourney, DALL·E, Canva AI आदि टूल्स की मदद से आप:


Social Media Graphics बना सकते हैं


NFT Art डिजाइन कर सकते हैं


Clients के लिए Logo और Banner तैयार कर सकते हैं


इन Designs को आप Fiverr या Etsy जैसी साइट्स पर बेच सकते हैं।


eBook लेखन और सेल

AI की सहायता से आप खुद की किताबें (eBook) लिख सकते हैं और उन्हें Amazon Kindle पर बेच सकते हैं।


📚 उदाहरण टॉपिक्स:


How to Start a YouTube Channel


Digital Marketing Guide


Motivational Stories


7️⃣ AI Tools का Review करना

AI टूल्स के ऊपर Honest Review लिखकर या वीडियो बनाकर आप Affiliate Commission कमा सकते हैं। जैसे Jasper, Surfer SEO, Writesonic आदि।


निष्कर्ष:

AI एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन पैसा कमाने के लिए सिर्फ टूल्स नहीं, दिमाग और रणनीति की भी ज़रूरत होती है। अगर आप रचनात्मक हैं, सीखने के लिए तैयार हैं, और मेहनत से नहीं डरते, तो AI आपके लिए असीमित कमाई के दरवाजे खोल सकता है।


आपका अगला कदम क्या होना चाहिए?

एक niche चुनिए


एक AI टूल सीखिए (जैसे ChatGPT या Canva AI)


एक प्लेटफॉर्म चुनिए (Blog, YouTube, Fiverr)


और शुरू कीजिए अपनी AI कमाई की यात्रा!



एक बार फिर से आपको स्टेप बाई स्टेप बता सकते है कि AI का कैसे यूज़ करे



1. कंटेंट राइटिंग और ब्लॉगिंग (Content Writing)

आजकल AI (जैसे Gemini या ChatGPT) की मदद से आर्टिकल लिखना बहुत आसान हो गया है।

  • कैसे कमाएं: आप फ्रीलांसिंग वेबसाइट्स (Fiverr, Upwork) पर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर सकते हैं या अपना खुद का ब्लॉग (जैसे यह वाला) शुरू कर सकते हैं।

  • टिप: AI से लिखवाने के बाद उसमें अपनी 'भाषा' और 'अनुभव' जरूर जोड़ें ताकि वह असली लगे।

​2. AI जनरेटेड इमेज और आर्ट (AI Art)

​आप Nano Banana जैसे टूल्स का उपयोग करके बेहतरीन इमेज बना सकते हैं।

  • कैसे कमाएं: आप इन इमेज को स्टॉक वेबसाइट्स (Shutterstock, Adobe Stock) पर बेच सकते हैं या लोगों के लिए कस्टम लोगो (Logo) और सोशल मीडिया पोस्ट डिज़ाइन कर सकते हैं।

​3. यूट्यूब और रील्स (Faceless YouTube Channels)

बिना चेहरा दिखाए भी आप AI की मदद से वीडियो बना सकते हैं।

  • कैसे कमाएं: AI से स्क्रिप्ट लिखवाएं, AI वॉइसओवर (Voiceover) का इस्तेमाल करें और वीडियो बनाकर YouTube या Instagram पर डालें। जब फॉलोअर्स बढ़ जाएंगे, तो स्पॉन्सरशिप और एड्स से कमाई होगी।

4. ऑनलाइन कोर्स और ई-बुक (E-books & Courses)

अगर आपको किसी विषय की जानकारी है, तो AI की मदद से उसकी एक किताब (E-book) तैयार करें।

  • कैसे कमाएं: इसे Amazon Kindle पर पब्लिश करें। AI आपकी किताब की रूपरेखा तैयार करने और व्याकरण (Grammar) सुधारने में मदद करेगा।

​5. प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering)

​यह एक नया और भविष्य का करियर है। इसमें आपको AI को सही निर्देश (Prompts) देना सीखना होता है।

  • कैसे कमाएं: कंपनियाँ अब ऐसे लोगों को काम पर रख रही हैं जो AI से सटीक काम निकलवा सकें। आप बेहतरीन 'Prompts' बनाकर उन्हें प्रॉम्प्ट बेस (Prompt Base) जैसी साइट्स पर बेच भी सकते हैं।




सोमवार, 19 जनवरी 2026

क्या खाना खाने के तुरंत बाद ब्रश करना चाहिए या एक घंटे बाद ?

खाना खाने के तुरंत बाद ब्रश करना आपके दांतों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

डेंटिस्ट्स के अनुसार, खाना खाने के बाद 30 से 60 मिनट तक रुकना सबसे सही होता है।

​इसके पीछे मुख्य कारण और सही तरीका नीचे दिया गया है:

​तुरंत ब्रश क्यों नहीं करना चाहिए?

  • कमजोर इनेमल: जब हम कुछ खाते हैं (खासकर मीठा या खट्टा/एसिडिक जैसे नींबू, सोडा, फल), तो मुंह में एसिड बनता है। यह एसिड आपके दांतों की सबसे बाहरी और सुरक्षात्मक परत, जिसे इनेमल (Enamel) कहते हैं, को कुछ समय के लिए नरम या कमजोर कर देता है।
  • घिसावट का खतरा: अगर आप तुरंत ब्रश करते हैं, तो ब्रश के ब्रिसल्स उस नरम इनेमल को रगड़कर घिस सकते हैं। इससे दांतों में सेंसिटिविटी (झुनझुनी) और कमजोरी आ सकती है।
  • प्राकृतिक सुरक्षा: हमारे मुंह की लार (Saliva) प्राकृतिक रूप से उस एसिड को खत्म करने और इनेमल को वापस सख्त बनाने का काम करती है। इस प्रक्रिया में करीब 30-60 मिनट का समय लगता है।

​खाने के बाद क्या करें? (सही रूटीन)

​अगर आपको खाने के बाद मुंह साफ करना जरूरी लगता है, तो आप ये कदम उठा सकते हैं:

  1. पानी से कुल्ला करें: खाने के तुरंत बाद साफ पानी से अच्छे से कुल्ला (Rinse) करें। इससे खाने के कण निकल जाते हैं और एसिड का असर कम होता है।
  2. 30-60 मिनट रुकें: ब्रश करने के लिए कम से कम आधा घंटा इंतजार करें।
  3. शुगर-फ्री गम: आप शुगर-फ्री च्युइंग गम चबा सकते हैं, इससे लार ज्यादा बनती है जो दांतों की सुरक्षा करती है
ज्यादातर डेंटिस्ट्स का मानना है कि नाश्ते से पहले (उठते ही) ब्रश करना दांतों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके पीछे कुछ ठोस वैज्ञानिक कारण हैं:
पहले ब्रश करने के फायदे

बैक्टीरिया का सफाया: रात भर सोते समय हमारे मुंह में बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं (यही कारण है कि सुबह सांसों में बदबू आती है)। उठते ही ब्रश करने से ये बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं, जिससे वे आपके नाश्ते के साथ पेट में नहीं जाते।

सुरक्षा कवच (Fluoride Coating): फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट आपके दांतों पर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है। जब आप ब्रश करने के बाद नाश्ता करते हैं, तो यह परत खाने के एसिड से आपके इनेमल को बचाती है।

लार (Saliva) का उत्पादन: ब्रश करने से मुंह में लार का उत्पादन बढ़ता है, जो प्राकृतिक रूप से खाने को पचाने और कीटाणुओं से लड़ने में मदद करती है।

अगर आप नाश्ते के "बाद" ब्रश करना चाहें
अगर आपको नाश्ते के बाद ब्रश करना ही पसंद है, तो ऊपर बताई गई बात का ध्यान जरूर रखें:
नाश्ते के तुरंत बाद ब्रश न करें।
कम से कम 30 से 60 मिनट का इंतजार करें ताकि इनेमल वापस सख्त हो जाए।
तब तक के लिए सादे पानी से अच्छे से कुल्ला कर लें।

एक जरूरी टिप:  रात का ब्रश सबसे अहम है

सुबह आप पहले करें या बाद में, लेकिन रात को सोने से पहले ब्रश करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। रात भर दांतों पर फंसा खाना सड़न पैदा करता है, इसलिए सोते समय मुंह एकदम साफ होना चाहिए।

सोमवार, 24 जनवरी 2022

दिमाग को कॉपी करने वाली तकनीक बस आने वाली है ।

दिमाग की कॉपी करने वाली तकनीक बस आने वाली है
दिमाग को कॉपी करने वाली तकनीक बस आने वाली है 



स्पीच सिंथेसाइजर जैसी तकनीक से एक कदम आगे की सोच रहे है एलन मस्क

 SpaceX और Tesla जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क कुछ नया करने जा रहे है जो शायद मनुष्य जीवन मे अब तक कि सबसे लंबी छलांग होगी  । एलन मस्क  एक ऐसा तकनीक पर काम कर रहे है जिससे आपके दिमाग की मैपिंग करना बच्चों का खेल हो जाएगा ।

आने वाले समय में लोगों को कंप्यूटर और स्मार्टफोन इस्तेमाल करने के लिए बोलने की भी आवश्यकता  नही पड़ेगी ओर चुटकियों में काम हो जाएगा ।


  दिमाग के सहारे चलेंगे आपके गैजेट

 मस्‍क की कपनी ह्यूमन कंप्यूटर इंटरफेस कंपनी न्यूरालिंक (Neuralink) लंबे समय से एक ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिसके सहारे लोगों के दिमाग में एक  चिप (Chip) इंप्लांट करने के बाद उनके सोचने भर से कई तरह की गतिविधि सम्भव हो जाएगी दूसरे शब्दों में कहे, तो टेलीपैथी यानी दिमाग की सोच के सहारे स्मार्टफोन और कंप्यूटर को ऑपरेट किया जा सकेगा , इस न्यूरल चिप इंप्लांट के बाद बिना कोई कमांड दिये बगैर  केवल दिमाग में उस चीज के बारे में सोचने भर से काम शुरू हो जाएगा. अभी तक कंप्यूटर चलाने के लिए आपको बोलना जरूरी होता था पर अब आपको किसी भी काम को करने के लिए बोलना भी जरूरी नही रहेगा बस सोचना मात्र होगा. बाकी का काम ये चिप कर देगी. 


 क्या है Neura Link ?


Neura link तकनीक में रोबोट की मदद से दिमाग मे electrode डाले जाएंगे  । खोपड़ी में एक माइनर से आपरेशन करके ये चिप इंसान के दिमाग मे फिट कर दी जाएगी उससे वह क्या सोच रहा है सब पता चल जाएगा क्योंकि चिप में लगा कंप्यूटर बड़ी जल्दी उसके दिमाग को पढ़ना सिख जाएगा 


दिमाग में करीब एक अरब न्यूरॉन होते है क्या इसकी कॉपी कर पाना सम्भव होगा  ?


शुरुआत में तो इससे केवल 1% इंसानी दिमाग को समझने की कोशिश की जायेगी न्यूरलिंक की इस चिप  से लोग अपनी यादों को संभाल कर रखने में कामयाब होंगे ,मतलब आप स्मार्टफोन के जैसे ही अपनी बैकअप मेमोरी बना पाओगे, ओर तो ओर इस  चिप के जरिये लोग अपनी याद्दाश्त को भी बढ़ा पाएंगे  , ब्रेन स्ट्रोक जैसी स्थिति में  इसे कंट्रोल भी किया जा सकेगा । पार्किसन जैसे रोगों में भी ये बड़ी मदद करेगा ।



 कहाँ तक पहुंची है यह तकनीक ?


न्यूरालिंक का परीक्षण बंदरों पर किया जा चुका है और यह उनमें अच्छे से काम कर रहा है. इससे एक बंदर आसानी से पोंग नाम का आर्केड गेम खेलना सीख गया है जिस को पहले जॉयस्टिक से खिलाया गया बाद में उसे हटा कर wireless चिप  से दिमाग को जोड़ा गया चौंकाने वाली बात यह रही कि बन्दर जैसा ही दिमाग मे सोचता वैसे ही एक दिमाग मे कंप्यूटर प्रोग्राम बना दिखता जिससे उसके सोचने के ढंग का भी पता लग रहा था  . न्यूरालिंक  चिप को बाल से भी पतले तारों के जरिये  दिमाग से जोड़ा जा रहा है. उम्मीद है कि यह इस साल या अगले साल मार्किट में आ सकता है  बन्दर के बाद सुअर पर भी इसका प्रयोग किया जा चुका है ।

क्या फायदा होगा नई तकनीक का ?


दुनिया मे सैकड़ो लोग ऐसे है जो बोल सुन नही पाते ,कुछ ऐसे भी है जो देख नही पाते ,इस तकनीक से उन लोगो की ब्रेन मैपिंग करके उनके दिमाग को समझने में मदद मिलेगी ,आसान शब्दो मे उनकी दिल की बात अब लोग सुन सकेंगे ।


  क्या खतरा है नई तकनीक से ?


 आज तक जितने अविष्कार हुए है उसे इंसान के लिए अच्छा बता कर प्रचारित किया गया पर बाद में वो इंसान के लिए भस्मासुर साबित हुये इसका भी कुछ ऐसा ही हाल लग रहा है । लोगो का दिमाग पढ़ने से अपराधियों पर लगाम लगाई जा सकेगी पर दूसरी यही आदमी किसी के दिमाग को पढ़ कर इनका उल्टा प्रयोग करने लगेंगे ।


बुधवार, 19 जनवरी 2022

इज़राइल ने अरबो के परमाणु बम से अपने को किया सुरक्षित ।

इज़राइल ने  अरबो के परमाणु बम से अपने को किया सुरक्षित ।

 इज़राइल ने  अरबो के परमाणु बम से अपने को किया सुरक्षित ।



इज़राइल ने किया Arrow 3 मिसाइल का परीक्षण ।


  क्या है Arrow 3 ? 


 एरो 3  मिसाइल वायुमण्डल के बाहर ही  दुश्मन की बैलेस्टिक मिसाईल को मार गिराने में सक्षम होगी 


क्या फायदा होगा इसका ?


  अभी  कोई भी बैलेस्टिक मिसाईल अपने दुश्मन पर अटैक करने के लिए पहले अपने देश से सीधे अन्तरिक्ष में जाती है और फिर वहां से जीपीएस की मदद से सीधे दुगनी रफ्तार से अपने दुश्मन देश के लक्ष्य को भेदती है,  इज़राइल के पास अभी भी iron Dome नाम की प्रतिरक्षा प्रणाली थी जिससे उसके ऊपर  कोई भी रॉकेट ओर बैलेस्टिक मिसाईल मार नही कर सकती थी  जो दुनिया ने इज़राईल हमास के बीच हुए युद्ध मे देखी थी । जिससे हमास के राकेट फुलझड़ी साबित हुए थे ।


बैलेस्टिक मिसाईल को नष्ट करने की क्षमता के बावजूद क्यों परेशान था इज़राइल ?


 बैलेस्टिक मिसाईल को तो इज़राइल आसमान में कुछ किलोमीटर ऊपर ही नष्ट कर सकता है पर यदि कोई देश परमाणु वाली बैलेस्टिक मिसाईल उसके ऊपर छोड़ता तो इज़राईल कुछ नही कर सकता था  क्योंकि अगर वो उसे कुछ किलोमीटर ऊपर destroy करता तो उस के अंदर रखी गई परमाणु सामग्री काफ़ी बड़े इलाके में फैल जाती और रेडिएशन बारिश या किसी भी रूप में वापिस इज़राईल  की धरती में ही गिरती जिससे कुछ किलोमीटर में फैला इज़राईल तबाह हो सकता था ,ख़ास कर ईरान के परमाणु प्रोग्राम को देखते हुए इज़राईल बड़ा चिंतित था ,अब वह इस arrow 3 से वायुमण्डल के बाहर ही  बैलेस्टिक मिसाईल को मार के गिराने में सक्षम हो गया है  जिससे अगर परमाणु मिसाईल इज़राइल द्वारा नष्ट भी की जाएगी तो उसका प्रभाव अन्तरिक्ष में ही रह जायेगा । यानी परमाणु युद से बचाव का  पूरा इंतज़ाम ,हां नजदीक से रॉकेट के जरिये अभी भी परमाणु हमला संभव है पर किसी भी परमाणु हथियार को चलाने से पहले उसे एक्टिवेट किया जाता है और नजदीक से हमला अगर करने की कोशिश की गई तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली उसके ऐक्टिविशन प्रोसेस को लगभग 100 किलोमीटर दूर से पकड़ लेगी ओर इज़राईल के बाकी विमान घुस कर उसे operate ही नही होने देंगे ।

भारत की क्या है तैयारी ?


 भारत  पहले ही anti सेटेलाइट मिसाईल का परीक्षण कर चुका है जो  इन मिसाइलों को तो छोड़िये ,इनको ऑपरेट करने वाली सेटेलाईट को ही तबाह करने में सक्षम होगा  ऐसे में  बिना जीपीएस के ये मिसाईल टॉय 2 फिस हो सकती है । बेशर्ते वो किसी शक्तिशाली देश की GPS सेवाएं ना ले रहा हो जिससे जीपीएस सेटेलाइट तबाह करने के कारण वो देश भारत का दुश्मन बन जाये ।

शनिवार, 15 जनवरी 2022

क्रिप्टोकरेंसी की पूरी रामायण

क्रिप्टोकरेंसी की पूरी रामायण ।

क्रिप्टोकरेंसी की पूरी रामायण
क्रिप्टोकरेंसी की पूरी रामायण

   एलेन मस्क (टेस्ला ओर स्पेस एक्स के मालिक )के बाद जेफ बेजोस( अमेज़न .कॉम के संस्थापक) भी  क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सुर्खियों में है जिन्होंने क्रिप्टो की दुनिया मे  उतरने का इशारा किया है  जिसके कारण अचानक फिर से डिजिटल करेंसी पर नई रेस चल पड़ी है । भारत मे शीतकालीन संसद अधिवेशन में इसको लेकर बहस हो सकती है और इस पर बिल भी पास होने की संभावना है उम्मीद तो ये है कि भारत भी अपनी क्रिप्टोकरेंसी के बारे में कुछ निणर्य ले सकता है । एक अनुमान के अनुसार भारत मे डेढ़ करोड़ लोग क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किये है जिसमे 1000 करोड़ तक कि रकम इस बाजार में लगी है  । 

क्रिप्टोकरेंसी दुनिया मे पहले बार तब आम लोगो की नज़र में आई जब मीडिया में एक खबर ने सुर्खियां बटोरी  ,खबर यह थी कि बिटकॉइन जो तीन चार साल पहले केवल एक रुपये के हजारवें भाग में मिलता था उसका रेट बढ कर 48 लाख प्रति कॉइन हो गया । यानी अगर तीन साल पहले किसी ने  एक रुपया भी बिटकॉइन में लगाया होता तो वो 45 लाख के मालिक बन गया  होता ।

   क्रिप्टो करेंसी मार्किट ओर किस नाम से जानी जाती  है ?

जहां क्रिप्टो करेंसी  की खरीद फरोख्त होती  है. उसे क्रिप्टोकरेंसी  एक्सचेंज, कहते है इसे   DCE, कॉइन बाजार ,क्रिप्टो बाज़ार ओर डिजिटल करेंसी बाजार जैसे नामों से जाना जाता है. 

बिटकॉइन की शुरुआत कैसे हुई ?

क्रिप्टोकरेंसी  की शुरुआत जापानी सतोशी नाकामोतो ने 2009 में शुरू किया था, लेकिन ऐसा नहीं है. कि इससे पहले इस पर कोई काम नही हुआ . अमरीका ने  भी इससे पहले 1996 में इससे मिलता जुलता  इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड लॉन्च किया था, जिससे बाद में शेयर बाजार में गोल्ड ETF की शुरुआत हुई ।

 क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी ?

   सभी देशो मे लोकल लेन देन के लिए  एक स्थानीय मुद्रा होती है जैसे भारत की रुपया ओर UK की पोंड पर ये सब बिना किसी बाधा के दूसरे देश मे नही चलती इनकी सबकी एक्सचेंज वेल्यू होती है जिससे इनका रेट भी अलग 2 होता है  पर क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी मुद्रा होती है  जिसकी स्वीकार्यता एक बराबर सब जगह एक जैसी होती है ।
        क्रिप्टोकरेंसी एक  कम्प्यूटर एल्गोरिदम  पर बनी डिजिटल करेंसी है  इस पर कोई भी  देश व गवर्नमेंट अपना  नियंत्रण नहीं रख सकती क्योंकि यह ऑनलाइन उपलब्ध है  इस संसार में हर एक नई चीज का शुरू में विरोोध होता है औरअपने शुरु के दिनों में इसका भी जमकर विरोध हुआ  लेकिन बाद में इसने popularity के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए ओर कई देशों ने इसे legal करार कर दिया था ,कुछ देश तो अब खुद की क्रिप्टोकरेंसी लाने की भी तैयारी कर रहे है एल सल्वाडोर  दुनिया का पहला देश भी बन गया जिसने  क्रिप्टोकरेंसी को लीगल मुद्रा के रूप में मान्यता दे दी ।

कई मनोरजक जानकारियां प्राप्त करने के लिए आप मुझे You tube  में  walia Knowldge Hub Vlog  के नाम से फॉलो कर सकते हो 

https://www.youtube.com/channel/UCjWWAYW89-oatEJeYUG9Gcw

कैसे काम करती है Cryptocurrency?


. इसके लेन-देन के लिए जिस प्रणाली का प्रयोग होता  है उसे ब्लॉकचेन कहते हैं। ये डिजिटल करेंसी इनक्रिप्टेड (कोडेड) होती हैं। ओर कंप्यूटर नेटवर्क के जरिए कंट्रोल किया जाता है। इसमें प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल ब्लॉक के द्वारा रिकार्ड रखा जाता है ।
इस ब्लॉक की सिक्योरिटी और इंक्रिप्शन का काम माइनर्स का होता है. इसके लिए वे एक क्रिप्टोग्राफिक  का  हल एक ब्लॉक के जरिये  Hash ( कोड)   में सुरक्षित रखते है
ब्लॉकचेन में दर्ज  होने के कारण इसको हैक या कॉपी करना लगभग असंभव है प्रत्येक लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड इस ब्लॉक के द्वारा आगे से आगे जुड़ता रहता है । क्योंकि इसकी पूरी जानकारी किसी एक के पास  नही होती बल्कि ब्लॉक के जरिये लाखो लोगो के पास होती है जिससे अगर इसे हैक करने हो तो सबकी सहमति एकसाथ चाहिए जो असम्भव है क्रिप्टोग्राफी की मदद से इसका रिकॉर्ड रखा जाता है. क्रिप्टो की खरीद को माइनिंग भी कहा जाता है ।

हैश खोजने से क्या होता है   ?

जब  माइनर अपना सुरक्षित hash खोजकर  इसमे ब्लॉक को सिक्योर कर देता है तत्तपश्चात इसे ब्लॉकचेन से जोड़ देता है और नेटवर्क में दूसरे कंप्यूटर के जरिए उसे वेरिफाई करता है. इस प्रोसेस को आम सहमति कहा जाता है. ।

आम सहमति के बाद क्या होता है ?

अगर आम सहमति  हो गई मतलब ब्लॉक के सिक्योर होने की पुष्टि हो गई. तो उसे सिक्योर करने वाले माइनर को क्रिप्टोक्वॉइन (cryptocoin) अलॉट कर दिए जाते हैं. यह एक रिवार्ड है जिसे काम के बदले मिलता है ।


इस समय कितने डिजिटल मुद्रा बाजार में है ?

कुल 2000  से ज्यादा क्रिप्टो मुद्राएं उपलब्ध हैं. जिन्हें हम Bitcoin के अलावा एथेरियम (ETH), लिटकोइन, डॉगकॉइन (Dogecoin) फेयरकॉइन (FAIR), डैश coin (DASH), पीरकॉइन (PPC), रिपल (XRP)  इत्यादि मार्किट में प्रसिद्ध हैं. 

क्या क्रिप्टोकरेंसी पर भरोसा किया जा सकता है  ।

क्रिप्टोकरेंसी पर भरोसा करने के इलावा अब कोई चारा नही बचा है  इसे आप एक आंकड़े से समझ सकते है 2021 में इसकी मार्किट  2000 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है अब तो जो देश इस पर सही समय पर निणर्य ले लेगा  वो भविष्य में समझदारी का कदम सिद्ध हो सकता है ।


भारतीय मार्केट प्लेयर एक्सचेंज कौन-कौन सी हैं?


WazirX, Unocoin, Zebpay जैसी  भारतीय कंपनियां भारत मे अपनी exchange के द्वारा   क्रिप्टो करेंसी के कारोबार में  अपनी सेवाएं दे रही हैं.  भारत सरकार ना तो इसको स्वीकार करती है ओर ना ही इसपर ban लगा पा रही है । खरीद फरोख्त की ये सभी एक्सचेंज 24 घंटे खुली रहतीहैं. इसको खरीदने और बेचने की प्रक्रिया भी काफी आसान है. आपको केवल इन  exchange  पर साइन अप करना होता है इसके बाद अपना KYC प्रोसेस पूरा कर वॉलेट में मनी ट्रांसफर करना होता है  इसके बाद आप लेन देन शुरू कर सकते है 

कौन है  भारत की सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX के फाइंडर ?

WazirX भारत की सबसे बड़ी ओर लोकप्रिय exchange है जिसके फाउंडर निश्चल शेट्टी है  बाजार में Coinbase और Binance जैसे इंटरनेशनल exchange  से भी आप   Bitcoin, Dogecoin और Ethereum जैसी दूसरी क्रिप्टोकरेंसी  खरीद सकते है , सभी exchange में सारी क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए उपलब्ध नही होती । अलग 2 एक्सचेंज में अलग 2 डिजिटल मुद्रा की लोकप्रियता से इसे लॉन्च किया जाता है  इससे आप दुनिया की महंगी से महंगी चीज़ खरीद सकते है ये अब हर जगह स्वीकार्य हो गया है केवल सरकार को छोड़ कर कुुुछ दिनों पहले वर्ल्ड का सबसे बड़ा हीरा क्रिप्टो करेंसी से ही खरीदा गया ।

 सरकारे इसे स्वीकार करने में डर क्यों रही है  ?

       सरकारें इस पर  शक़ करती आई है और इसे अपनी करेंसी के लिए ख़तरा मानती हैं क्योंकि ये एक ऐसी वर्चुअल दुनिया का हिस्सा है जो  ना तो किसी एक व्यक्ति ओर ना ही सरकार के नियंत्रण में है इसलिए यह  मुद्रा अपनी समानांतर दुनिया खड़ी कर सकता है ।


सट्टा खेलने का अगर  शौक है तो ये है बेहतर विकल्प ।

 cryptocurrency के बाजार में लगा सकते हो बेहतर सट्टा , बाजार में कई ऐसे coin है जो आपको एक पैसे  से भी कम में मिल जाएंगे  कई तो 100 रुपये के आपको  एक करोड़ coin भी मिल जाएंगे  अगर आप मोटा मोटा 100 अलग 2 कॉइन में  100 रुपये प्रति कॉइन के हिसाब से निवेश करके भूल जाये यानी 10,000 रुपये  लगा कर भविष्य  के लिए बुरा सपना समझ के भूल जाये तो किस्मत का पता नही चलता 100 में से अगर एक आधा coin भी चल पड़ा  तो लाखों का फायदा होते समय नही लगेगा ।
आप की knowldge के लिए बता दूं की ज्यादातर कॉइन का कोई fundamental नही होता सब speculation पर चलते है हर कॉइन की एक फिक्स संख्या बाजार में उतारी जाती है  जब सब कॉइन खरीददार द्वारा खरीद लिए जाते है यानी बर्न हो जाते है तब इसकी वैल्यू बढ़ना चालू हो जाता है उसके बाद जब कोई इसे बेचेगा तभी दूसरा इसे खरीद पायेगा इससे इसका रेट बढ़ना चालू हो जाता है यानी अगर 1 पैसे  से भी कम संख्या वाले  coin कभी एक रुपये का हो गया तो एक करोड़ बनते समय नही लगेगा । भारत की सबसे बड़ी क्रिप्टो exchnge wazirx में लगभग  एक लाख लोगो ने एकाउंट बना रखा  है ।

क्रिप्टो करेंसी से inspire होकर एक नई डिजिटल करेंसी आज की दुनिया मे लोगो के सिर चढ़ कर बोल रही है जिसे नॉन फंजिबल टोकन  (NFT) कहा जाता है जल्दी ही इसके बारे में आप के लिए अलग से एक ब्लॉग लाऊंगा ।

आपका संजीव वालिया 

आप मुझे  you tube पर भी follow कर सकते हो 

https://www.youtube.com/channel/UCjWWAYW89-oatEJeYUG9Gcw


मंगलवार, 11 जनवरी 2022

इलेक्ट्रिक बेट्री में क्रांति की तैयारी ।


 बेट्री में क्रांति की तैयारी ।







फॉक्सवेगन कम्पनी बेट्री के फील्ड में क्रांति लाने की तैयारी कर रही है  वो लोहे से बेट्री बनाने की तैयारी कर रही है  ।

 बेट्री क्या है  ?

सिंपल भाषा मे oxidation  ओर  reduction की प्रकिया है  लिथियम में ये काम easily हो जाता है मतलब वो आसानी से  इलेक्ट्रॉन दे और ले सकता है यानी जब उसे चार्ज होना होता है तो वो ion को अपने मे चिपका लेता है खींच लेता है और जब उसे dishcharge होना होता है मतलब बेटरी में से power supply करनी होती है तो ion   या इलेक्ट्रान को  अपने से अलग कर लेता है 

जैसे  Li=Li+ e - 

जब कोई मेटल इलेक्ट्रॉन except कर लेता है तो उसे reduction कहते है जैसे Li +e-=Li 

इसके उल्टे  जब ये इलेक्ट्रॉन अपने से अलग या ट्रांसफर करता है तो इसे उसे ऑक्सीडेशन कहते है जैसे लोहे में जंग लगना जब वो ऑक्सीज़न के साथ मिलकर electrone  ट्रान्सफर करता है  जैसे Fe2 +o2=Fe2O3+H2O जिसे आप जंग कहते है 

यानि लोहे को जब चार्ज करना होगा तो उसे rust से लोहा बनना होगा यानी जंग (Rust) का भी स्थायी solution खोजा जायेगा  यहीं क्रन्ति होगी  । यानी अगर किसी धातु पर जंग का डर नही होगा तो वो काफी ज्यादा वैल्यू देगा ।

electricity क्या है ?

 electricity फ्लो ऑफ इलेक्ट्रॉन को कहते है   यानी जब पॉजिटिव नेगीटिव आयन एक दूसरे की तरफ आकर्षित होते है  तब करंट बनता है  अब वैज्ञानिकों के दिमाग मे आया कि लोहे के पास तो दुगनी ओर तिगनी इलेक्ट्रोन है जैसे Fe 2 ओर Fe3 अगर ये  से अपने से electrone अलग करना सीख ले और  वापस फिर ग्रहण करना सीख ले तो ये बेट्री में कन्वर्ट हो सकता है ओर लिथियम से ज्यादा पावरफुल बन सकता है तो अब इसी दिशा में काम व अनुसंधान चला है अगर ये सफल हो गया तो न केवल पर्यावरण में सुधार होगा अपितु  कई देशों की इकॉनमी भी सुधार जाएगी जो अभी तेल पर निर्भर है ।

 

भारत क्या कर रहा है इस दिशा में ?

भारत भी इजराइल के साथ मिलकर इसी तरह एल्मुनियम आधारित बेट्री बनाने के लिए अनुसंधान कर रहा है  और कई देश भी इस दिशा में तरह तरह के प्रोजेक्ट बनाने में लगे है कई नए स्टार्ट अप भी शुरू हो रहे है ।इसके अतिरिक्त भारत पावर सेक्टर में भी कम कर रहा है और हैड्रोकार्बन पर तेज़ी से काम कर रहा है जिसे आने वाले समय का एनर्जी का मैन सोर्स माना जा रहा है रिलायंस भी इस दिशा में लगी हुई है ।

 

क्या फर्क पड़ेगा इसका  ?

  भविष्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतों में कमी आएगी अभी इनमें लिथियम बेट्री का प्रयोग किया जा रहा है जो  काफी ज्यादा  महंगी है क्योंकि लिथियम के भंडार दुनिया भर में सिर्फ चार पांच जगह तक सीमित है 

जिसमे बोलविया,चिली ,ऑस्ट्रेलिया,  ब्राजील जैसे देश शामिल है और इसमे भी चीन ने मोटी हिस्सेदारी  खरीद रखी है जिससे उसकी  बेट्री बाजार में  मोनोपोली है  

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2021

बिटकॉइन हुआ 36 लाख पार

 एलन मस्क का क्रिप्टो करंसी में भारी निवेश 

एलन मस्क के क्रिप्टो करंसी बिटकॉइन में डेढ़ अरब डॉलर निवेश करते ही  इसका रेट 48000 डॉलर हुआ पार यानी

भारतीय रुपये में 36 लाख प्रति बिटकॉइन  हालांकि बाद मेंं ये 32  lakh पहुँच गया 
       2008-09 में सतोषी नाकामोतो नामक एक जापानी सॉफ्टवेयर डेवलपर बिटकॉइन को प्रचलन में लाया था ,यदि 2013 में भी आपने इस अदृश्य करंसी में आपने  8000 रुपये इन्वेस्ट किये होते तो आज आप भारतीय करेंसी में 36 लाख के मालिक होते  सट्टा बाजार में अभी भी इसके एक लाख डॉलर प्रति बिटकॉइन तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है ,भारत मे भी एक दो एक्सचेंज इसका खाता KYC पूरा करके खोलती  है पर इसमें जोखिम भी कम नही एक बार ये सीधे 3000 डॉलर तक गिर गई थी बिटकॉइन को टुकड़ो में भी खरीदा जा सकता है अब मर्जी आपकी  रिस्क ले लो या संतुष्ट जिन्दगो जीते रहो ।

Bitcoin के चोरी होने की आशंका भी बनी रहती है कुल मिला कर इसकी स्पस्ट नीतियां नही है जिसके कारण जानकार इसमें निवेश कम ही करते है पर तब भी काफी लोग उसमे gamble खेलना पसंद करते है ,एक ऐसे ही वाक्या में एक व्यक्ति ने बिटकॉइन को खरीदा ओर इसके पासवर्ड को हार्ड डिस्क में save कर लिया क्योंकि इसका पासवर्ड कुछ ज्यादा ही complicated होता है ,बाद में वो इसे भूल गया वो नो  बार हार्ड डिस्क में गलत पासवर्ड डाल बैठा है ओर अब एक बार भी वह गलत पासवर्ड डालता तो वो सदा सदा के लिए पासवर्ड डिलीट हो जाएगा क्योंकि हार्ड डिस्क केवल 10 बार सही पासवर्ड डालने का ऑप्शन देता है  ,ओर आज की तारीख में उसके करोड़ो रूपये डूब जाएंगे जो बिटकॉइन में तेज़ी से बने है  ,सारी दुनिया उसके पासवर्ड भूलने की story जान गई है पर कुछ भी नही कर सकती   RBI ने इसके ऊपर  पाबन्दी के संकेत दिये है ओर इसी बजट सत्र में इसके ऊपर बिल लाया जा सकता है ।

शनिवार, 12 दिसंबर 2020

भविष्य में इलेक्ट्रिक ओर हाईड्रोजन से चलेगी लेगी गाड़ियां

भविष्य में इलेक्ट्रिक ओर  हइड्रोजन से वलेगी गाड़ियां
Electric n Hydrojan Vehicle

 भविष्य में इलेक्ट्रिक ओर  हइड्रोजन से चलेगी गाड़ियां

  ईंधन का बाजार तेज़ी से चेंज हो रहा है ,ब्रिटेन ने 2030 तक सभी गाड़ियां इलेक्ट्रिक करने की घोषणा की है ,भारत सरकार भी 2030 तक 30% इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलाने का लक्ष्य रखे हुए है ।

विकल्प ओर भी है 

 इलेक्ट्रिक के इलावा पानी से तैयार होने वाला हाइड्रोजन  भी ईंधन के रूप में तेज़ी से जगह बना रहा है बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगो मे तेज़ी से बीमारियां बढ़ी है ओर इसी से निजात पाने के लिए पेट्रोल डीजल के विकल्प के रूप में  हाइड्रोजन ओर इलेक्ट्रिक गाड़ियों  ने अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है  यद्यपि अभी दोनो क्षेत्रो में उत्पाद महंगा पड़ने के कारण यह इतने लोकप्रिय नही हुयेहै पर भविष्य में रिसर्च के बाद ये अपना स्थान बना लेंगे । जनरल मोटर्स ओर हौंडा ने हाइड्रोजन आधारित व्हीकल पर अपना ध्यान फोकस किया है क्योंकि इनकी फिलिंग का समय इलेक्ट्रिक गाड़ियों से आधा होता है 
   तेल उत्पादक देश के रूप में सऊदी अरब ने अपनी जगह बनाई है पर आप को जान कर हैरानी होगी कि यह देश एक ऐसा आधुनिक शहर नियोन बसाने में काम कर रहा है जो हाइड्रोजन ओर  इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर आधारित होगा जहां करीब 10 लाख लोगों के लिए उड़ने वाली गाड़िया होगी 500 अरब डॉलर वाले इस शहर को  इसलिए बसाया जा रहा है क्योंकि सऊदी अरब तेज़ी से भविष्य को पढ़ रहा है उसे पता है कि यदि अपने आप को बचाये रखना है तो भविष्य में एक कदम आगे रखना पड़ेगा  ,पेट्रोल डीजल के खात्मे से गल्फ देश  तेज़ी से डाउन फॉल की तरफ बढेंगे ।इसलिए समझदार देश एक कदम आगे बढ़ते हुए उस क्षेत्र में भी अपनी पकड़ बनाये रखना चाहते है जो भविष्य का आधार होगी । इसीलिए इस शहर का मुख्य एनर्जी सोर्स तेल नही ग्रीन हाइड्रोजन होगी ।

भारत क्यों कर रहा है तेल क्षेत्र में विनेश

    भारत सब कुछ जानते हुए भी तेल क्षेत्र में  तेज़ी से विनेश कर रहा है  कारण उसकी अपनी मजबूरियां है ,भारत का लगभग 30% व्यापार आय और रोजगार सिर्फ तेल से चल रहा है ,आज पेट्रो केमिकल से भारत मे विभिन्न उत्पाद तैयार हो रहे है जो  रोजगार ओर सरकार की आय का मुख्य साधन है  अगर ये एक झटके से खत्म हो गए तो भारत की इकॉनमी चरमरा जायेगी भारत सरकार की आय का सबसे आसान ओर बड़ा स्रोत्र ही पेट्रोल ओर डीज़ल में टेक्स है  दूसरा पेट्रोल डीजल गाडियों के पार्ट्स  इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों से ज्यादा तादाद में होते है जिससे लाखो इंडस्ट्री के द्वारा करोड़ो लोगो को आजीविका मिली है ,दूसरा इन गाड़ियों की सर्वसिंग से भी लोगो का रोजगार जुड़ा है जो हर गली चौराहे में अपनी दुकान खोले बैठे है ,इन के बारे में एजुकेशन सेक्टर में ट्रेड /डिप्लोमा कोर्स भी है जो कई संस्थानों की आय का स्रोत्र है । अब आप समझ गये होगें की क्यों सरकार न चाहते हुए भी उन विदेशी तेल कम्पनियों में हिस्सेदारी खरीद रही है जिसका आने वाले समय मे कोई भविष्य नही ।

निष्कर्ष
     भविष्य की जरूरतों को समझते हुये भारत सरकार को भी छोटे देशो से शिक्षा लेते हुए अपनी रणनीति तैयार करने की जरूरत है इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए बड़ी तादाद में चार्जिंग स्टेशन की जरूरत पड़ेगी जिस पर तेज़ी से काम करने की जररूत है ,भारत का इनकम का साधन जरूर पेट्रो संसाधन है पर भारत के आयात का बोझ  का भी यही कारण है अतः समझदारी से भविष्य में देखने की जरूरत है । ओर वैकल्पिक एनर्जी स्रोत्रों पर ध्यान फोकस करने की जरूरत है ।।

रविवार, 6 दिसंबर 2020

शिमला मिर्च का सोलन कनेक्शन

 

 शिमला मिर्च का सोलन सम्बन्ध ।

शिमला मिर्च में विटामिन A ओर विटामिन C भरपूर मात्रा में पाए जाते है  ओर आज की तारीख में नूडल्स से लेकर पनीर टिक्का सब मे ये इस्तेमाल होती है इनके बिना कई भारतीय व्यजन की आप सोच भी नही सकते ,क्योंकि इसे 5 मिनट में बनाया जा सकता है  इसे एनर्जी सेवर भी कहा जाता  है ,शिमला मिर्च वस्तुत दक्षिणी अमेरिका का पौधा है जहां इसकी खेती हज़ारों सालों से की जा रही है जैसे हल्दी की खेती भारत मे हज़ारों सालों से हो रही है , अंग्रेज़ इसे सबसे पहले बीज के रूप में भारत लेकर आये, क्योंकि शिमला मिर्च  के लिए अनुकूल वातावरण की जरूरत होती थी  ,इसलिए वो इसके लिए उपयुक्त जगह ढूंढ रहे थे  बाद में वो इसी वातावरण खोज के अंतर्गत शिमला आ पहुंचे जहां उन्होंने अपनी कालोनी पहले ही बसा दी थी क्योंकि यहां का वातावरण उनके इंग्लैड से मिलता जुलता था।

    अंग्रेज़ हर वो चीज़ जो उन्हें अपने देश मे पसन्द होती थी उन सब को भारत मे भी लाने की कोशिश करते थे क्योंकि इंग्लैड से बाहर सबसे ज्यादा बड़ी संख्या में भारत मे ही उनके लोग रहा करते थे  शिमला मिर्च की सब्ज़ी अंग्रेज़ बहुत ज्यादा पसंद करते थे तो उसे बीज के रूप में वो भारत लाये , हिमाचल का वातावरण शिमला मिर्च को उगाने के लिए मनमुफीद था इसलिए उन्होंने इसे सबसे पहले यही उगाने के निर्णय लिया  था ।

कैसे शिमला मिर्च इस जगह पहुंची

  उस समय शिमला का इलाका specified नही था ,आस पास के सभी इलाको को शिमला ही समझा जाता था , अंग्रेज़ आज के सुबाथू जहां उनका बड़ा आर्मी Establishment था शिमला से भी पहले बसा चुके थे व वहां रहा करते थे इसे तकरीबन 1815 में  उन्होंने बसाया  था उसके बाद उनकी नज़र में शिमला आ गया क्योंकि शिमला ज्यादा ऊंचाई में था और बहुत खूबसूरत भी था इसलिए अंग्रेज़ो ने शिमला में भी अपनी colony बनाने का निर्णय लिया और इसके लिए उन्होंने सुबाथू से शिमला को रोड बनाने का निश्चय किया इनके लिए  उन्होंने शिमला तक के सारे उपयुक्त रास्ते  खंगाल डाले, अंग्रेज़ जब शिमला तक का रोड बनाने के लिए  वाकनाघाट में  सर्वे  करने के लिए घूम रहे थे तो इन्हें ये जगह खेती के लिए बड़ी अनुकूल लगी ओर फिर बाद में शिमला मिर्च के लिये भी इसे अनुकूल माना गया । यानी वाकनाघाट । यहां न तो शिमला की तरह खड़ी चढ़ाई थी न ही वहां की तरह ठंड ,जो इसकी फसल उगाने व ट्रांस्पोर्टेशन के लिए बेहतरीन थी  ओर यह उनकी दो बस्तियों सुबाथू ओर शिमला को जोड़ने वाली सड़क के बीच मे आ रहा था तो इस जगह को शिमला मिर्च की खेती के लिए प्रयोगात्मक रूप से सबसे पहले यूज़ किया गया जहां से दोनो Army Cantt में आराम से इसकी सप्लाई की गई , क्यंकि ये जगह शिमला के नजदीक थी इसलिए उस समय पूरे भारत मे इसे शिमला के नाम से ही प्रचारित किया गया बस यही से इसका नाम शिमला मिर्च पड़ा ,जबकि वास्तव में ये वाकनाघाट क्षेत्र था ,जो सोलन में पड़ता है ।


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जिला सोलन के वाकनाघाट  में जे. पी . की आई .टी .युनिवर्सिटी भी बनी है ,आज भी यह जगह सब्जियों के लिए सबसे आदर्श मानी जाती है यहाँ की शिमला मिर्च की डिमांड दूर 2 तक है ,पर इस इलाके के लोगो को मलाल है कि उनके इलाके के नाम इतिहास में  दर्ज होते 2 रह गया ।

 अब किसान लाल ओर पीली शिमला मिर्च में फ़ोकस कर रहे है जिसकी डिमांड फाइव स्टार होटल में है व इसके रेट अच्छा मिलता है क्योंकि यहां अभी भी आर्गेनिक खेती होती है , व बहुत कम रासनयिक खाद का इस्तेमाल होता है  इसलिए लोग यहां की शिमला मिर्च को हाथों हाथ ले लेते है ।



शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020

जनिये टूथब्रश करने का सही तरीका ।

 ज्यादातर लोगों को नहीं पता brush करने का सही तरीका ।

जनिये टूथब्रश करने का सही तरीका ।


   क्या आप जानते हैं कि ब्रश करने का सही तरीका क्या है, ज्यादातर लोग बहुत तेज़ी से ब्रश करते है क्योंकि उन्हें लगता है इससे दांत अच्छे से साफ होंगे पर होता उल्टा है इससे दांत कमज़ोर हो जाते है 

   कुछ उपयोगी जानकारी दांतो के बारे में 

  1      सुबह ब्रश करने के इलावा रात को भी ब्रश करना चाहिए ,सुबह अगर  कभी नाश्ता ब्रश से पहले मजबूरी में करना पड़े तो खाना खाने के 1 घंटे के बाद ही टूथब्रुश करना चाहिये ,इससे पहले ब्रश करने में नुकसान होता है ओर इनेमल क्षतिग्रस्त होता है । रात को सोने से पहले ब्रश करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि खाने के अन्न रात को सड़ कर दांतों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते है 

2     कभी भी टूथब्रश को गीला करके उसमे टूथपेस्ट लगा कर  दांतो को साफ न करे इससे पेस्ट के केमिकल झाग बनकर दांतो को नुकसान करते है । साथ मे ब्रश करने में परेशानी भी होती है ।

3     कभी भी दो मिनट से ज्यादा टूथब्रश न करे 

4      केवल मटर के दाने के बराबर  टूथपेस्ट ही ब्रश में लगाये ,इससे ज्यादा आपके मसूढो के लिए ठीक नही 

5       टूथब्रश को 45 डिग्री में रख कर गोल गोल घुमाते हुए ब्रश करे  कभी भी 90 डिग्री में ब्रश न करे  इससे दांतों को जबरदस्त नुकसान होता है ।

6       ब्रश करते हुए दांतो व मसूढो में जोर न लगाएं वर्ना मसूढ़े जल्दी ही दांतो का साथ छोड़ देंगे , सॉफ्ट ब्रश का इस्तेमाल करे ।

7        ब्रश करने के बाद  उंगलियों से मसूड़ों पर हल्का हल्का मसाज करने से ये मजबूत बने रहते है ।

8       क्लीनर से जीभ की सफाई जरूर करे नही तो ब्रश को हो उल्टा करके हल्के हाथों से जीभ साफ लर सकते है 

9       सप्ताह  में एक दिन दांतो को नींबू से साफ लड़ने से उस पर पीलापन नही आता 

10     दही विटामिन सी ओर पोष्टिक सलाद दांतो की सेहत बनाये रखते है 

11    बहुत गर्म या फ्रिज का  ठंडा पानी दांतों के इनेमल कमज़ोर करता है  इससे बचे ।

12       टूथ ब्रश को या तो महीने -दो महीने में बदले या गरमपानी में नमक डाल कर इसे दो मिनट के लिए उबाले ।जिससे इसके वैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे ।

13      कुछ भी खाने के बाद कुरला करना न भूले ।

    दांतो के सबसे ऊपर के भाग को इनेमल  कहा जाता है इसके नीचे का भाग डेंटिंन कहलाता है फिर पल्प आता है इनेमल ओर डेंटिंन तक का भाग अगर खराब हो तो फिलिंग से दांत बच जाता है हां डेंटिन में सड़न पहुचने से सेंसटिविटी होती है यानी गर्म ठंडा लगता है  पर यदि पल्प तक खराबी आ जाये तो RCT करानी पड़ सकती है क्योंकि पल्प में ही बारीक नसे होती है जब इसमें सड़न होती है तो तेज़ दर्द होना शुरू हो जाता हैं और पस  या मवाद दांतों के बेस वाली नसों में जमा हो जाती है  जिसका इलाज RCT (रूट कैनाल )से या इम्प्लांटेशन से संभव है । RCT इसलिए महंगी होती है क्यंकि इसका एक साथ इलाज नही होता व दो तीन या ज्यादा बार इसका चरणों मे इलाज करना पड़ता है एक एक नसों को निकाल कर देखना पड़ता है कि सड़न कहां तक पहुंची है । या फिर पूरा दांत इम्प्लांट कराना पड़ सकता है ।

       दांत अगर निकाले तो उसे साधारण में न ले मुँह के अंदर ऊपर ओर नीचे दोनो तरफ के दांत की आपस मे एलाइनमेंट होती है अगर उसे समय पर न भरा जाए तो जल्दी ही दांत एक दूसरे से अलाइनमेंट बिगाड़ना शुरू कर देते है ओर फिर टेढ़े मेढ़े दांत होने शुरू हो जाते है दूसरा एक तरफ के दांत टूटने पर आप मुँह के अंदर दूसरी तरफ के दांतों से काम लेना शुरू कर देते है जिससे उनमें तेज़ी से सड़न पैदा होने की सम्भवना हो जाती है ।

         

बुधवार, 2 दिसंबर 2020

टाटा ने जगाई उम्मीद की किरण

 टाटा ने की लिथियम बैटरी बनाने की घोषणा ।

टाटा ने जगाई उम्मीद की किरण


 टाटा  की सब्सिडियरी टाटा केमिकल ने आखिर देश की बहुमूल्य फॉरेन करेंसी खाने वाली लिथियम बैटरी बनाने का निश्चय कर लिया है 

 क्यों जरूरी है लिथियम बैट्री

    देश मे हर साल तकरीबन 9000 करोड़ की बैटरी आयात की जाती है जो इलेक्ट्रिक गाड़ियों में लगाई जाती है  महंगे  लिथियम बैट्री से भारत की इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बाजार चल नही पा रहा क्योंकि इसकी कॉस्ट महंगी पड़ रही है ,चीन विश्व की 60% लिथियम बैट्री का एक्सपोर्ट कर रहा है ,जिससे वो मनमाने दाम ले रहा है ,टाटा के बेट्री प्लान से जहां भविष्य के इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार में उसकी पकड़ बनेगी वही बैट्री के आयात पर होने वाला बेफिज़ूल का खर्चा बचेगा उल्टा टाटा उसे विश्व भर में फैले अपने मजबूत नेटवर्क से एक्सपोर्ट करके पैसे भी कमाएगा ओर फॉरेन करेंसी भारत आएगी।

    देश को ओर क्या फायदे होंगे 

       इलेक्ट्रिक गाड़ियां 10 साल बाद उस समय की जरूरत होगी ,जैसे अभी पेट्रोल वाहन है । ओर इससे पॉल्युशन में काफी हद तक कंट्रोल होगा ,जिससे लोगो की सेहत में सुधार होंगा व स्वास्थ्य में सरकारी खर्च कम होगा ,कार्बन मानक को पूरा करने से देश मे पर्यटक ओर विदेशी निवेश भी बढ़ेगा । इसके इलावा चीन को आर्थिक चोट भी पहुंचेगी । टाटा ओर रिलायंस एक के बाद एक चोट चीन को दे रहे है 

   रिलायंस पहले ही चीन को 5G सेक्टर में टक्कर देने उतर रही है ।

   कहाँ लगेगा प्लांट

       टाटा ने इसके लिए गुजरात की धोलेरा जगह का चयन किया है जहां लगभग 4000 करोड़ का निवेश किया जाएगा ।

    अभी भारत मे अमर बेट्री ओर exide बेट्री इसका प्रोडक्शन कर रहे है  पर वो भारत की जरूरतों को पूरा नही कर पा रही । विश्व की सबसे बड़ी लिथियम आयन बेट्री की कम्पनी panasonic USA है ।

गुरुवार, 26 नवंबर 2020

जनिये क्यों दो भारतीय एप्प अचानक चर्चा में आ गए ।

 जनिये क्यों दो भारतीय एप्प अचानक चर्चा में आ गए  ।

जनिये क्यों दो भारतीय एप्प अचानक चर्चा में आ गए  ।


   भारत में बने दो देसी एप्प चर्चा में आ गए है ,भारत के tooter ओर share chat अचानक ही लोगो की जिज्ञासा का कारण बन गए है 
    Tooter जहां ट्विटर की कॉपी व उसके भारतीय संस्करण के कारण खबरों में है तो share chat के बारे में ताजा खबर आ रही है कि उसे गूगल 7600 करोड़ रुपये में खरीद सकता है ।
    Share chat ने हाल में ही अपने यूजर में  166% कि बढ़ोतरी दर्ज की है जो कि चीनी टिक टॉक पर बेन के बाद एकदम से बढ़ी है । लॉक डाउन में भी  लोगो ने वीडियो शेयरिंग एप्प का जम कर प्रयोग किया ।  शेयर चैट ने अभी तक 222 मिलियन डॉलर की कमाई की है ।


सोमवार, 23 नवंबर 2020

Netflix को दो दिन फ्री में देखे दिसंबर से,जनिये पूरी डिटेल

 Netflix को दो दिन फ्री में देखे दिसंबर से,जनिये पूरी डिटेल

Netflix को दो दिन फ्री में देखे दिसंबर से,जनिये पूरी डिटेल
Netflix free streaming



  अमरीकन स्ट्रीमिंग कम्पनी नेटफ्लिक्स के अनुसार वो भारतीय लोगो को दिसंबर में दो दिन के लिए नेटफ्लिक्स की अनलिमिटेड स्ट्रीमिंग उपलब्ध कराएगा ये बयान नेटफ्लिक्स के सीईओ ग्रेग पीटर ने दिया है ।

   क्या है ऑफर

     कंपनी दो दिन दिसंबर 5 ओर 6 को  भारतीय लोगो को अनलिमिटेड स्ट्रीमिंग स्टैंडर्ड डेफिनेशन यानी SD में उपलब्ध कराएगा,जिसमे आप मूवी ,वेबसेरीज़, ओर दूसरे कंटेंट देख पाएंगे  । हो सकता है ये वीकेंड की सुविधा आगे भी चालू रहे ।

     Streamfest के नाम से दी जाने वाली ये सुविधा इसलिए उपलब्ध कराई जा रही है ताकि कपनी को तेजी से भारत में लोकप्रिय किया जाए ।

   पहली बार नही है ये आफर

     कपनी पहले भी कई बार लोगो को ट्रायल के तहत ये सुविधा महीने भर के लिए उपलब्ध करा चुकी है ।पर अब कपनी ने ये सुविधा देनी बंद कर दी है ।

    क्यों इस बार ये सुविधा है खास

        नेटफ्लिक्स की सुविधा इससे पहले जब भी लेनी पड़ती थी तो आपको क्रेडिट कार्ड ओर दूसरी पेमेंट डिटेल भी देनी पड़ती थी  जिसको आम लोग या तो भरते डरते थे या कुछ लोग क्रेडिट कार्ड रखते ही नही थे ।इसके इलावा फ़्री ट्रायल के खत्म होते ही आपके क्रेडिट कार्ड से पैसे कटने लगते थे  पर इस बार इस को लेने के लिए ऐसा कुछ नही करना पड़ेगा ।अभी 199,499 649,799 का पैक महीने के लिए उपलब्ध है  

                    

    कैसे करे apply

  1  यूजर Netflix.com ya streamfest की साइट पर जाए या एंड्रॉइड एप्प डाउनलोड करे ।

  2  अपने ईमेल या मोबाइल नम्बर से sign in कीजिये ।

  3   इसे आप टी वी ,मोबाइल ओर गेमिंग कंसोल सभी जगह देख पाओगे ।

मंगलवार, 17 नवंबर 2020

बेरोजगार युवकों को amazon में सुनहरा अवसर ।

 बेरोजगार युवकों को amazon में सुनहरा अवसर । 

बेरोजगार युवकों को amazon में सुनहरा अवसर ।  .jpg


बेरोजगार युवकों के लिए घर बैठे बैठे amazon में सुनहरा अवसर है अगर आप भी कंपनी से जुड़ कर घर बैठे पैसा कमाना चाहते हो ,तो यह खबर आपके लिए है 

किस तरह का है अवसर

  Amazon का व्यापार भारत मे तेज़ी से बढ़ रहा है ,साथ मे अपनी साख को कायम रखने के लिए उसे आर्डर किये गए सामान  को उपभोगता तक ठीक टाइम पर       पहुचना का चैलेंज भी बढ़ रहा है ।व इसके लिए उसे तेज़ काम करने वाले डिलीवरी बॉय की जरूरत है ।

   

      कैसा मिलेगा अवसर

        Amazon में पार्सल को ठीक जगह तेज़ी से  पहुचाने के लिए हमेशा डिलीवरी बॉय की जगह बनी रहती है ,इस काम के लिए वह हर महीने 10,000 से 12,000 रुपये एक डिलीवरी बॉय को फिक्स पे देता है ,

        आकर्षक लाभ

        डिलीवरी बॉय को इसके इलावा हर पार्सल को सप्लाई करने के एवज में 15 से 20 प्रति पार्सल अलग से मिलते है माना आपने 100 पार्सल सप्लाई किये तो एक दिन की कमाई 2000 रुपये अलग से हो गई ओर महीने की 60,000 रुपये यानी कुल मिला के 70,000 रुपये तक आपको मिलेगा 

        डॉक्युमेंट्स की जरूरत

        इसके लिए आपको लोकल होना व स्नातक होना लाभदायक है पर स्कूल का पासिंग सर्टिफिकेट भी चल जाता है ,इसमें इलावा  आपका अपना बाइक या स्कूटी होनी चाहिए ,पार्सल के सप्लाई के लिए तेल आपको अपना खर्च करना पड़ेगा ,आपके पास वैध RC ओर ड्राइविंग लाईसेंस ओर  insurance भी होना चाहिए ।

        पोस्ट खाली न हो तो  ।

          यदि अभी कोई vacancy खाली नही है तब भी आप को अपना बॉयोडाटा जरूर जमा कराना चाहिए क्योंकि किसी न किसी कारण डिलिवरी बॉय ओर गर्ल  की पोस्ट खाली होती रहती है । ओर देर सवेर आपको अवसर मिल सकता है , इसलिए  आशावान रहिए ओर 

          निष्कर्ष

           ये बात जरूर है कि नोकरी का ये चांस सिर्फ कुछ शहरों में ही उपलब्ध है अभी छोटे शहरों में कंपनी की पहुंच नही है,अंत मे इतना ही कह सकते है यदि आप सही समय ओर ईमानदारी से इस जॉब को करते हो कोई कारण नही की कभी कम्पनी आपको काम से निकाले या आपसे अनुबंध तोड़े । पर इसके लिए आपको दिन रात एक करना पड़ेगा क्योंकि इसमें छुट्टियों के लिए कोई जगह नही । तो देर किस बात की 

          

मंगलवार, 10 नवंबर 2020

फाइजर ने बनाई कोरोना वैक्सीन 90% कामयाब

 
Corona ,फाइजर ने बनाई कोरोना वैक्सीन  90% कामयाब

फाइजर ने बनाई कोरोना वैक्सीन  90% कामयाब


अमरीकी कम्पनी फाइजर ने कोरोना वैक्सीन बनाने के नजदीक पहुंचने का दावा किया है  उसने कहा है कि तीसरे चरण के टेस्ट में उनकी वैक्सीन 90% कारगर साबित हुई है खबर के आते ही अमरीकी डॉलर में भी तेज़ी देखने को मिली है ।
  कंपनी ने दावा किया कि जिन लोगो मे कोरोना के symptom भी नही है उन पर भी वैक्सीन कामयाब रही है ।
 

अगले साल में आने का दावा

 कम्पनी का दावा है कि वो जनवरी 2021 तक  covid 19 की वैक्सीन मार्किट में ले आएगी । 

सोने में तेज गिरावट

 
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सोने में तेज गिरावट 

        international Market  में सोने में तेज गिरावट देखने को मिली है  ,ये भारतीय रुपयों में 2000 से 2500 के बीच है यानी 49000 प्रति 10 ग्राम  चांदी में भी 4400 रुपये की गिरावट देखने को मिली है 
सोने में तेज गिरावट,गोल्ड रेट,Gold price
             Gold plungs.  

कारक

   अमरीकी राष्ट्रपति के चुनाव से हटा बादल इसके लिए मुख्य कारक माना जा रहा है  जिसके कारण चीन और अमरीका के ट्रेड वार को एक दिशा मिल सकती है ।

दूसरा कारक

कोरोना की वैक्सीन को लेकर कई कंपनियों के दावे से भी गोल्ड में गिरावट आई है ।

डॉलर का rebound

 डॉलर तेज़ी से आगे बढ़ा है जिससे Gold में गिरावट आई है,ओर इससे विश्व व्यापार में मंदी के छटने के दावे किए जा रहे है ।

भारतीयों को दीवाली का तोहफा

  भारतीयों  में दीवाली में सोना खरीदने का प्रचलन रहा है वहा ये गिरावट थोड़ी राहत देगा वैसे अभी इसके थोड़े ओर गिरने की आशंका है ये 47000/- तक जा सकता है ।


 



शनिवार, 7 नवंबर 2020

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पार्किसंस के शिकार

  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पार्किसंस के शिकार

Russi rastpati putin parkison's ke shikaar,


  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पार्किसंस के शिकार हो गए है ये खुलासा ब्रिटिश अखबार The Suns ने किया ,उन्होंने दावा किया कि उनकी गर्लफ्रैंड ओर बेटियां उन पर प्रेजिडेंट पड़ छोड़ने का दवाब बना रही है आशा है कि वो जनवरी में प्रेजिडेंट का पद छोड़ सकते है ,

सेंट पीटर्सबर्ग 

  इनका जन्म सेंट पीटर्सबर्ग में 1952 में हुआ । बचपन से ही बो जासूसी के बड़े शौक़ीन थे  इसी शौक से वो रूसी खुफिया एजेंसी KGB में शामिल हुए और बाद में  1991 तक KGB के प्रेजिडेंट भी रहे ।

 क्या है पार्किंसन्स

  पार्किंसन्स में हाथ पांव लगातार कांपते रहते है जिससे काम करने में मुश्किल होती है कुछ केस में ये दिमाग की गति को सुस्त कर देता है जिससे व्यक्ति की यादाश्त कमजोर हो जाती है  ।

 फोर्ब्स मैग्जीन द्वारा 2014 में जारी की गई दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन टॉप पर थे । पुतिन इस लिस्ट में लगातार दूसरे साल पहले स्थान पर रहे थे । साल 2012 में उनके बारे में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, वो हर साल अपनी लाइफस्टाइल पर करीब 15,352 करोड़ रुपए (2.5 बिलियन डॉलर्स) खर्च करते थे

वो एक ऐसे नेता हैं जो अपनी लग्जरी लाइफ स्टाइल, महंगे शौक और जबरदस्त फिटनेस के लिए जाने जाते हैं। 68 साल के पुतिन खुद को आउटडोर गेम्स का प्लेयर बताते हैं। खादी की जीन्स पहनकर और हाथ में बंदूक लेकर जंगलों में शिकार के लिए निकलना उनके लिए नई बात नहीं है। इतना ही नहीं, पुतिन अच्छे रेस्लर और पायलट भी हैं।

किस किस पद पर रहे है 

 रूसी राष्टपति पुतिन USSR के समय रूसी खुफिया एजेंसी KGB के प्रमुख रह चुके है  1999 से वो प्रधानमंत्री और राष्टपति दोनो पदों में रह चुके है ।

 क्या है अफवाह

   रूसी मीडिया के अनुसार रूस में एक ऐसा कानून बन रहा है जिसमे पुराने प्रेजिडेंट की ऊपर कोई भी केस उनके त्यागपत्र देने के बाद भी नही चलेगा ,जिससे पुतिन के ऊपर कोई भी अपराध साबित हो जाने के बावजूद उसे सज़ा नही दी जा सकेगी । इससे भी उनके पद छोड़ने की अटकलों को जोर मिला है ।

पुतिन के घर

उनके करीब 20 आलीशान घर हैं। कुछ समय पहले पुतिन दक्षिण-पूर्वी यूरोप के ब्लैक सी कोस्ट पर स्थिति अपने 950 मिलियन डॉलर के आलीशान घर को लेकर सुर्खियों में थे। इसके अलावा फिनलैंड, मास्को सहित कई लोकेशंस पर उनके शानदार घर हैं।


पुतिन के Ilyushin Il-96 एयरक्राफ्ट का एक मॉडल

राष्ट्रपति पुतिन के पास एक-दो नहीं, बल्कि कुल 58 एयरक्राफ्ट हैं। इनमें 15 हेलिकॉप्टर शामिल हैं। उनके एयरक्राफ्ट में 2 फेल्कॉन एग्जीक्यूटिव जेट्स, 1 एयरबस और एक Ilyushin Il-96 एयरलाइनर शामिल है। इसी एयरलाइनर को डिजाइन करवाने को लेकर पुतिन कभी सुर्खियों में रहे थे, क्योंकि इसके टॉयलेट पर ही उन्होंने 75 हजार डॉलर यानी करीब 4 करोड़ रुपए खर्च किए थे।


700 लग्जरी कारों का कलेक्शन

पुतिन के पास करीब 700 अल्ट्रा लग्जरी कारों का कलेक्शन है, जिसमें मर्सडीज बेंज S-क्लास स्ट्रेच ल्यूमोजिन, मर्सडीज E-क्लास, S-क्लास मॉडल्स, BMW 5-Series , वॉल्क्सवैगन सहित दुनिया की कई महंगी और नायाब कारें शामिल हैं।


4 लग्जरी याट्स

एयरक्राफ्ट के बाद पुतिन की दूसरी लग्जरी है उनके याट्स। उनके पास 4 याट् हैं, जिनमे से एक उन्हें रूस के अरबपति ने गिफ्ट की थी। उनकी दूसरी लग्जरी याट् 53.7 मीटर लंबी है, जिसमें डिजाइनर इंटीरियर, स्पा पूल, वाटर फॉल और वाइन स्पेस भी है।


उनके महंगे शौकों में शामिल है उनका कीमती 11 घड़ियों का कलेक्शन। इंटरनेट  पर मौजूद जानकारी के अनुसार, उनकी घड़ियों के कलेक्शन की कीमत करीब 4.2 करोड़ रुपए है, जो उनकी सैलरी से कहीं ज्यादा है। उनकी मगरमच्छ की खाल से बने पट्टे की घड़ी की कीमत ही करीब 3 लाख डॉलर थी।


हॉर्स राइडिंग करते हुए पुतिन


 पुतिन अपनी हेल्थ को लेकर भी सजग हैं। वो खुद को फिट रखने के लिए वर्कआउट के अलावा मार्शल आर्ट, जूडो, हॉकी, स्विमिंग और हॉर्स राइडिंग भी करते हैं। खाली वक्त में उन्हें गिटार बजाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें फॉर्मूला वन रेस कारें चलाने का भी शौक है।


  ब्लैक बेल्ट मिला है पुतिन  को

हर रोज आठ कि.मी. की सैर करने वाले पुतिन को दक्षिण कोरिया में नाइन्थ डिग्री ब्लैक बेल्ट रैंक से सम्मानित किया जा चुका है। वे 14 साल की उम्र से मार्शल आर्ट कर रहे हैं। पुतिन जूडो चैम्पियन भी रह चुके हैं। उन्हें इसमें भी ब्लैक बेल्ट मिला है।

  पुतिन की बेटियां

  पुतिन की दो बेटियां है , उनकी छोटी बेटी येकातेरीना पुतिना हाल में ही कोरोना वायरस का russian vaccine लगाने के कारण चर्चा में आई थी  वह मास्को स्टेट यूनिवर्सिटी में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस इंस्टीट्यूट के हेड पड़ पर काम कर चुकी है । पुतिन की दूसरी बेटी  मारिया एंडोक्राइनोलॉजिस्ट है ,पूतिन कभी अपनी फ़ैमिली के बारे में ज्यादा जानकारी लीक नही करते ।

ल्यूडमिला पुतिन

ये पुतिन की पत्नी है जो 2004 में भारत भी आ चुकी है बो 2013- 14 में अलग हो चुकी है दोनो बेटियां उन्ही की बताई जाती है । 

विवादों से नाता ।
Boris Nemtsov,Boris Berezovsky,Stanislav Markelov and Anastasia Baburova, Sergei Magnitsky,Natalia Estemirova,Anna Politkovskaya,Alexander Litvinenko, जैसे लोग केवल पुतिन का विरोध करने के बाद रहस्मई मौत मरे । अभी कुछ दिनों पजल ही उनके एक ओर विरोधी मृत पाए गए ।Alexander litvinenko को भी ज़हर से रहस्मयी मौत दी गई ।

 निष्कर्ष

 पुतिन की पूरी लाइफ संघर्ष और महत्वकांक्षी विचारधारा से प्रेरित है,पर देर सवेर खुदा इसी दुनिया मे सबके पापो का हिसाब किताब जरूर करता है ,ओर पार्किंसन्स जैसी बीमारी देकर यही सिद्ध होता है  ,वो भारत के लिए जरूर लाभदायक था ,ट्रम्प ओर पुतिन जैसे दो गहरे दोस्तो के एक साथ विदाई से भारतीय PM को भी मुश्किलों से दो चार होना पड़ सकता है ।

  

शनिवार, 24 अक्टूबर 2020

शाकाहारियों की IQ मांसाहारियों की तुलना में तेज़ होती है ।

Shakahariyon ki IQ masahariyon ki tulna me  tez hoti hai


 शाकाहारियों की IQ मांसाहारियों की तुलना में  तेज़ होती है ।

     शाकाहारी बने 

      विश्व  की लगभग 5% आबादी शाकाहारी है ,पर अब  इसकी संख्या तेजी से बढ़ रही है कई महशूर हस्तियां अब शाकाहारी बन चुकी है व लोगो को भी शाकाहारी  बनने को प्रेरित कर रही है ,टेनिस खिलाड़ी मार्टिन नवरातिलोवा, पाप गयिका मैडोना,टॉम क्रूज,जेनिफर लोपेज,ब्रेड पिट,माइक टायसन,डमी नूर,पामेला एंडरसन,रिचर्ड गेरे,सेमुअल जैकसन,ब्रायन एडम्स,बिल क्लिंटन आदि कुछ प्रमुख विदेशी हस्तियां वर्तमान में शाकाहारी है व भूतकाल में ,लियानाडो दी विंची,थॉमस एडिसन, टेस्ला,हेनरी फोर्ड ,आइंस्टाइन,ब्रूस ली ,शेक्सपियर आदि शामिल  रही है ,भारत के मशहुर शाकाहारियों में महात्मा गांधी,अमिताभ वच्चन,,विद्या बालन ,सोनम कपूर,नेहा धूपिया,जैकलीन फर्नाडीस,जॉन इब्राहिम,सोनाक्षी सिन्हा ,कंगना राणौत,शाहिद कपूर ,आलिया भट,आयशा टाकिया ,आर माधवन,लीजा हेडन ओर अभी 2 आमिर खान भी शामिल हो गए है ,इनमें से ज्यादातर पहले मांसाहारी थे पर जानवरों के प्रति क्रूर व्यवहार को देख कर ये शाकाहारी बन गए । भारत का जैन समुदाय तो इससे कोसो दूर रहता है ,

Shakahariyon ki IQ masahariyon ki tulna me  tez hoti hai


   शाकाहारी जुड़े होते है धर्म से 

   आप किसी भी धर्म को ले लीजिये, उसमे कही भी हिंसा को सपोर्ट नही किया गया है , हिन्दू ,बौद्ध ,सिख, ईसाई सभी अहिंसा पर आधारित है ,बौद्ध गुरु दलाईलामा ने तो कई बार बुद्धिस्ट लोगो को मीट खाने से परहेज करने को कहा है । गुरु नानक ,भगवान राम सब शुद्ध शाकाहारी जीवन व्यतीत करने को कहा करते थे ।

शाकाहारियों में मांसाहारियों की अपेक्षा होता है तेज़ IQ


    शाकाहारियों की होती है मांसाहारीयों की तुलना में तेज IQ 

          विश्वभर के डॉक्टरों की समय समय पर की गई अन्वेषण ने ये साबित कर दिया है कि  फल दूध,सब्ज़ियों ओर वनस्पतियों मसलन दाल गेंहू चावल इत्यादि से बना खाना सेहत के लिए लाभदायक होता है ओर इसको ग्रहण करने वाले शाकाहारी लोगो का IQ मांसाहारियों की तुलना में ज्यादा होता है ।क्योंकि इनको पचाने के लिए शरीर की नसो को ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ती ,जबकि मांसाहारी खाद्य सामग्री को पचाने में शरीर को बड़ी मेहनत करना पडती है जिससे दिमाग की क्षमता में भी फर्क पड़ता है ।

  कैसे शरीर बना है भोजन के अनुसार

  अगर आप मनुष्य और पशुओं के दांतों की तुलना करेंगे तो आप पाएंगे कि दोनों के दांत सृष्टि ने अलग 2 बनाये है, जहां जानवर के दांत ओर जबड़े तीखे ओर मजबूत होते है वही मनुष्य के दांत नर्म व जबड़े शाकाहारी खाने को पचाने के हिसाब से बनाये गए है । शाकाहारी जानवरो जैसे घोड़े गाय और हिरन के दांत भी लगभग सपाट होते है ।

      गलत अवधारणा 

   कुछ लोगो मे गलत अवधारणा है कि बिना मास के शरीर का विकास नही हो पाता है  ज़मीनी जानवरो में सबसे बड़ा जानवर हाथी,सबसे तेज़ दौड़ने वाला जानवर हिरण,सबसे मजबूत खाल का गेडा ओर सबसे ऊंचा जानवर  ऊंट शाकाहारी है और  हर क्षेत्र में मांसाहारियों से एक कदम आगे है । मनुष्य को अंडे में जहां 13%  प्रोटीन(प्रति 100 ग्राम) मिलता है वही सोयाबीन में ये 43,मुगफली में 39 व पनीर में 24%पाई जाती है ,अंडों में 173 कैलोरी तो मुगफली में 440 व सोयाबीन में 432 होती है ,केलोस्ट्रोल जहां अंडे में 500 मिलीग्राम होता है वही सब्जियों और फल में शून्य से 5 % तक पाया जाता है 

   पर्यावरण के लिए मांसाहारी भोजन वरदान

    एक किलो गोश्त तैयार करने में प्रकिति के 100 किलो से ऊपर घास व अन्य वनस्पति नष्ट होती है ,उस गोश्त को अगर विश्व की 95% आबादी खा रही है तो समझो  पर्यवरण का  कितना नुकसान हो रहा है । जबकि शाकाहारी लोग  प्राकृत्तिक रूप से तैयार उस समान को खाते है जिसका पर्यवरण पर काफी कम प्रभाव पड़ता है ।

     पशुओं पर होने वाले अत्याचार के दोषी है मांसाहारी   

     क्या आपको पता है जो ब्रायलर,मटन ,चिकन  पोर्क ओर बीफ आप लोग खाते है आजकल उसे उस जानवर से प्राप्त किया जाता है जिसे घोर यातनाएं दी जाती है  मुर्गियों को लोहे की जलियों में इस तरह ठुसा जाता है जहां वह अपने पंख तक नहीं फैला सकती उनकी चोंच को गर्म ब्लेड से काट दिया जाता है ये प्रकिया बहुत ही कष्टदायक ओर जानलेवा होती है ,मुर्गों को तो पैदा ही मरने के लिए होना पड़ता है ।बैल ,बकरा,सब दूध न देने के कारण मार दिए जाते है  गाय और ज्यादातर पालतू दुग्ध देने वाले जानवर दूध का निर्माण केवल अपनी संतानों के लिए करते है  व जंगली जानवर चार पांच साल के बाद प्रजनन करते है पर मनुष्य ने अपने स्वार्थ के खातिर उन्हें हर साल प्रजनन करने को विवश कर दिया है ज्यादा दूध के चक्कर मे कई तरह के इंजेक्शन उन्हें लगाए जाते है जिससे जानवर वो दूध भी अपने शरीर मे रोक नही पाता जो उसने अपने बच्चों के लिए स्टोर करना होता है ,जन्म के बाद सुऊर को उस की माँ से अलग कर दिया जाता है फिर उनकी पूछ ओर अंडकोष को काटा जाता है बिना किसी पेनकिल्लर के ,सचमुच मनुध्य निर्दयी हो चुका है ,जापान में जिंदा मछलियों के अंदर मसाले भर कर सर्व किया जाता है  जबकि उसकी सांसे चल रही होती है ,डिस्कवरी जैसे चैनलों ने जानवरो पर अत्याचार को बढ़ाया है जहां इसका एंकर जिंदा ही कई  प्राणियों को खाता दिखाई देता है ,केवल मनुष्य अपने तुच्छ स्वाद के कारण पाप का भागीदार बनता जा रहा है और कुर से क्रूर कृत्य कर रहा है ।


मनुष्य के लिए अभिशाप है ये मॉस 

 जानवरो को मारने से पहले कई बार तड़फाया जाता है इस प्रकिया से उनके शरीर मे डर का भाव पैदा होता है जो कई खतरनाक केमिकल का निर्माण करता है जो उनके मास में घुस जाते है और अलग नही होते जब इंसान इसका भक्षन करता है तो ये उसके शरीर मे चले जाते है व उसकी बॉडी निकाल नही पाती नतीजन शरीर बीमारियों का अड्डा बन जाता है ।कलेस्ट्रॉल ,ओर कई बीमारी इसकी परिणाम है अभी कोरोना की बीमारी इसी की सौगात है इससे पहले बर्ड फ्लू,हेड ओर फुट रोग और कई लाइलाज़ बीमारियां इनसे फैली है ।

 बीमारियां जो फैलती है मांसाहारियों में 

     दिल,केंसर,ब्लड प्रेशर,ब्लड शुगर, हड्डियों के रोग ,अस्थमा कुछ बीमारियां ज्यादा मांसाहारी लोगो को होती है ।

   निष्कर्ष

     अब आप पर निर्भर है आप मांसाहारी भोजन ग्रहण करके पशुओं पर अत्याचार करके अपनी आत्मा और शरीर का विनाश करना चाहते  या धर्म के रास्ते चल कर शाकाहारी बनना चाहते है ।

शाकाहारी राज्यो में राजस्थान पहले नम्बर में ,दूसरे नम्बर में पंजाब ओर तीसरे में हरियाणा आता है ।

     WHO एक अक्टूबर को शाकाहारी दिवस मनाती  है ।

संजीव वालिया के वलोग से ।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020

Amazon पर कैसे बेचे अपना सामान ।



 Amazon पर कैसे बेचे अपना सामान । 

Amazon.com और फ्लिपकार्ट (Flipkart ) ने अभी अपनी महासेल का आयोजन किया था जिसमें भारतवर्ष से लगभग 2,00,000 वेंडर ने अपना सामान बेचने का अवसर पाया , आप भी आजकल अगर  बेरोजगार हो या आपका कोई  सामान अच्छा होने के बावजूद नही बिक पा रहा तो amazon.com या फ्लिपकार्ट पर बड़ी आसानी से आप बेच सकते हैं बस जरूरत है तो सिर्फ हुनर ओर  इच्छा शक्ति की ।

एप्प जो डाउनलोड करनी है । 

Amazon पर सामान बेचने के लिए सबसे पहले आपको गूगल प्ले स्टोर में जा कर अमेजॉन सेलर(Amazon seller)    नाम की Apps डाउनलोड करनी पड़ेगी । 

 App के शुरू में ही आपको वह देश भरना पड़ता है जहां से आप संबंध रखते हैं, आपको इंडिया सेलेक्ट करना है फिर आप से Amazon पासवर्ड  पूछेगा यदि आपने पहले अपना अकॉउंट रजिस्टर किया  तो fill कर दे ,नही तो Amazon पर अपने आप को रजिस्टर करने के लिए sign up करना पड़ेगा । 

  लॉगिन में नाम ईमेल व पासवर्ड पूछेगा वो डाल देना है फिर आपके मोबाइल पर एक ओटीपी पासवर्ड आएगा जिसे आपने डाल देना है ओटीपी डालते ही आप ऐमेज़ॉन के डैशबोर्ड पर पहुंच  जाओगे फिर आपको continue करना है,  

  

    Continue पर क्लिक करते ही यह आपसे आपके बिजनेस का नाम पूछेगा,उसे भर दे ,

continue पर दुबारा क्लिक कर दे ,दुबारा से मोबाइल नम्बर पूछेंगा, भरे ओर ओटीपी आने पर उसे शो हो रही जगह में  fill कर दे ।

       मोबाइल नंबर वेरीफाई होते ही यह आपको एक नए पेज पर ले जाएगा जहां  आपसे पूछेगा  कि आपके स्टोर का नाम क्या है क्योंकि अमेजॉन एक बहुत बड़ा बाजार है इसके लिए आपको अपने स्टोर का एक नाम रखना होता है उसके बाद ही  ये आपको कैटेगरी में ले जाएगा जहां पर आपको कई तरह की कैटेगरी दिखाई देगी उसमें से आपको सिलेक्ट करना है कि आप किस तरह का प्रोडक्ट बेचना चाहते  हो, उसके बाद यह आपसे एड्रेस पूछेगा उसे अपने भर देना है , आपको फिर से एक नया पेज पर ले जाएगा यहां पर आपने जो डिटेल अभी तक भरी होगी यह सब कुछ आपको दिखाएगा उसके बाद आप से पूछेगा कि amazon पर आपको  easy ship सर्विस चाहिए या आप खुद अपना सामान कुरियर करोगे कोशिश करो कि आप amazon को ही सर्विस करने का मौका दो क्योंकि इनके आल इंडिया में हर प्रमुख जगह शिपमेंट सेंटर बने है इससे सारा सिर दर्द अमेज़ॉन वाले ले लेंगे  आपको कुछ नहीं करना पड़ेगा, सिर्फ अपने सामान पर फोकस करना होगा   ,

 अब यह आपकी डिटेल चेक करेगा वेरीफाई करेगा और आपको टू वे वेरिफिकेशन पर ले जाएगा यहां पर  यह आपसे जीएसटी नंबर मांगेगा अगर आपने जीएसटी नंबर नहीं अप्लाई किया है तो अप्लाई कर दें इससे आपको ज्यादा बेनिफिट होगा, नेक्स्ट- आपसे फिर पूछेगा कि आपको क्या सामान बेचना है जो आपने पहले भी भरा था उसी के बारे में यह आपको डिटेल दिखाएगा मान लो आपने इलेक्ट्रॉनिक गुड्स भरा था तो यह इलेक्ट्रॉनिक गुड्स रिलेटेड सारा सामान आपको दिखाएगा, इसके बाद बैंक की डिटेल भरनी है शिपिंग डिटेल ,ओर टैक्स डिटेल मसलन  जीएसटी नंबर वगैरहना है  सिग्नेचर बगैरा डालने है  उसके बाद सारी इनफार्मेशन डालने के बाद यह आपको एक नए पेज पर ले आएगा  इसे आप मेन डैशबोर्ड बोलते हैं यहां पर आपको जितने भी ऑर्डर आएंगे वह सब शो होगे अभी तक कितनी सेल की वह सब दिखाई देगी आप कोई नया प्रोडक्ट ऐड करना चाहते तो वह भी आप यहां पर ऐड कर सकते हो,

       create new listing में  जाकर आप  अपनी खुद के सामान की साइट क्रिएट कर सकते हो जिसमें आप अपने पूरे प्रोडक्ट की फोटो वगैरह डाल सकते हो , 

       अब आप इन्वेंटरी पर जाओ वहां पर आपको वह प्रोडक्ट जो आपने ऐड की थी ,कितना प्रोडक्ट बचा है सब दिखाइएगा आपने कितनी सेल की है वह भी बताएगा, 

       यहीं पर कस्टमर सपोर्ट  नाम का एक बटन है , यदि कोई भी प्रॉब्लम  आपको आती है तो इस पर आप ने क्लिक करना है यहां पर आपको मोबाइल नंबर पहले से ही  रजिस्टर होता है क्लिक करते ही  अमेजॉन वाले खुद आपको कांटेक्ट करते हैं और आपकी प्रॉब्लम सॉल्व करते हैं ये एक  बहुत  अच्छी फैसिलिटी है तो इस तरह से आप अमेजॉन पर अपना सामान बेच सकते हो , कितना आसान है ना 

कैसे मिलते है आर्डर ।

 अब Amazon के ग्राहक कही से भी आपके स्टोर को सर्च कर सकते है या आप खुद भी अपने सामान का लिंक कॉपी करके अपने जानने वालों को भेज सकते हो  अब जैसे ही आपका ऑर्डर आता है तो आप अमेज़न वालों को अपना पूरा सामान हैंड ओवर कर देते हो वह सारा सामान अपने निर्धारित जगह पहुंचा देते है   इसके अलावा एक और ऑप्शन भी आता है जिसमें आप अपना सामान Amazon के फुलफिल सेंटर में ही छोड़ देते हो यदि आपको कोई आर्डर जाता है Amazon वाले वहीं से उसे डिलीवर कर देते है इससे डिलीवरी बहुत तेजी से हो जाती है 


कारीगर लोगो के लिए क्यों खास है ये 

     हस्तकरघा या हुनरमंद लोगो के लिए ये प्लेटफार्म विशेष रूप से मददगार साबित हुआ है ऐसे हुनरमंद लोगो को अपने इलाको में उत्पादों के दाम  उचित नही मिलते है पर Amazon के विशाल बाजार में इसकी आपार संभावना है । जहां आपको पूरे वर्ल्ड का बाजार मिल जाता है ।

      कितनी लगती है फीस

 AMAZON वाले आपका प्रोडक्ट बेचने के लिए कुछ सर्विस टैक्स  लेते हैं जो कि ओसतन 1000 रुपये के ऊपर RS 50/- पड़ता  है  इसलिए आपको  ये पैसा भी अपने मुनाफे से कम करना पड़ेगा ।ओर  ये रेट भी  आधा किलो तक के प्रोडक्ट के लिए है । उससे ऊपर का अलग हिसाब किताब होता है ।

       

जानिए केंद्रीय सरकार की जांच एजेंसी ओर उनका दायरा

 भारत में भ्रष्टाचार, वित्तीय धोखाधड़ी और अपराधों से लड़ने के लिए अलग-अलग केंद्रीय जांच एजेंसियां बनाई गई हैं। इन सभी का कार्यक्षेत्र (Juris...